SEBI ने Waaree प्रमोटर की 63% हिस्सेदारी ट्रांसफर को दी मंजूरी, ओपन ऑफर से छूट
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भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने Waaree के प्रमोटर परिवार से जुड़ी एक अहम कॉरपोरेट पुनर्गठन योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत कंपनी में प्रमोटर की नियंत्रण वाली हिस्सेदारी को C.T. Doshi Family Trust को ट्रांसफर किया जाएगा और इसके लिए ओपन ऑफर लाने की जरूरत नहीं होगी। यह फैसला प्रमोटर परिवार की उत्तराधिकार (succession) योजना का हिस्सा है जिससे कंपनी का नियंत्रण परिवार के भीतर ही रहेगा।
63% से अधिक हिस्सेदारी ट्रस्ट के नियंत्रण में जाएगी
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार कंपनी के संस्थापक अपनी 44.88% सीधी हिस्सेदारी परिवार ट्रस्ट को ट्रांसफर करेंगे। इसके अलावा 18.34% हिस्सेदारी पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण भी ट्रस्ट के पास आ जाएगा। इस तरह कुल मिलाकर ट्रस्ट के नियंत्रण में 63% से अधिक हिस्सेदारी हो जाएगी। आम तौर पर किसी भी कंपनी में तय सीमा से अधिक हिस्सेदारी या नियंत्रण हासिल करने पर SEBI के नियमों के तहत ओपन ऑफर देना जरूरी होता है लेकिन इस मामले में नियामक ने विशेष छूट दे दी है।
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SEBI ने क्यों दी छूट
SEBI ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा ट्रांसफर प्रमोटर परिवार के भीतर ही हो रहा है और इससे कंपनी के नियंत्रण में कोई बाहरी बदलाव नहीं आएगा। इसलिए इसे टेकओवर नियमों के तहत ओपन ऑफर की बाध्यता से मुक्त किया गया है।नियामक ने यह भी कहा कि इस ट्रांजैक्शन से पब्लिक शेयरहोल्डर्स के अधिकारों या उनकी हिस्सेदारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
बिना किसी भुगतान के होगा ट्रांसफर
यह पूरी हिस्सेदारी ट्रांसफर बिना किसी मौद्रिक लेन-देन के किया जाएगा। यानी प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी किसी बाहरी खरीदार को नहीं बेच रहे, बल्कि इसे फैमिली ट्रस्ट में स्थानांतरित किया जा रहा है।
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एक साल के भीतर पूरी करनी होगी प्रक्रिया
SEBI ने इस छूट के साथ शर्त भी रखी है कि यह पूरा ट्रांजैक्शन एक साल के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। इस मंजूरी के बाद प्रमोटर परिवार की उत्तराधिकार योजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है और कंपनी का नियंत्रण C.T. Doshi Family Trust के तहत केंद्रीकृत हो जाएगा, जबकि मौजूदा शेयरहोल्डिंग संरचना और पब्लिक निवेशकों के हितों में कोई बदलाव नहीं होगा।
