August 31, 2026

Maruti Suzuki का बड़ा ऐलान: FY31 तक ₹77,500 करोड़ खर्च करेगी कंपनी, नए मॉडल और क्षमता विस्तार पर जोर

Maruti Suzuki

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देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनियों में शामिल Maruti Suzuki India ने अगले पांच वर्षों के लिए अपने निवेश प्लान को बढ़ा दिया है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO Hisashi Takeuchi ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच कंपनी करीब ₹77,500 करोड़ का कैपेक्स करेगी।

यह निवेश उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नए मॉडल विकसित करने, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), प्लांट से जुड़े काम, बिक्री एवं मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, कार्बन न्यूट्रल पहल और लॉजिस्टिक्स सहित कई क्षेत्रों में किया जाएगा।

एक साल में कैपेक्स 40% बढ़ेगा

कंपनी की Annual General Meeting में शेयरधारकों के सवालों का जवाब देते हुए Hisashi Takeuchi ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में Maruti Suzuki अपने कैपेक्स में करीब 40% की बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है।

कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में करीब ₹10,000 करोड़ का कैपेक्स किया था। अब वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इसे बढ़ाकर करीब ₹14,000 करोड़ करने की योजना है।

इसके बाद FY27 से FY31 तक पांच वर्षों में कंपनी का कुल कैपेक्स करीब ₹77,500 करोड़ रहेगा।

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क्षमता विस्तार और नए मॉडल पर होगा बड़ा निवेश

Maruti Suzuki के CEO के मुताबिक कंपनी का निवेश सिर्फ उत्पादन क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें नए मॉडल का विकास और रिसर्च एंड डेवलपमेंट भी शामिल है।

कंपनी के कैपेक्स प्लान में मुख्य रूप से:

  • उत्पादन क्षमता का विस्तार
  • नए कार मॉडल का विकास
  • रिसर्च एंड डेवलपमेंट
  • मौजूदा प्लांट में जरूरी बदलाव
  • मार्केटिंग और सेल्स इंफ्रास्ट्रक्चर
  • कार्बन न्यूट्रल पहल
  • लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर

जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

इससे आने वाले वर्षों में Maruti Suzuki के प्रोडक्शन नेटवर्क और नए प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पहले ₹70,000 करोड़ निवेश का था प्लान

Maruti Suzuki की पैरेंट कंपनी Suzuki Motor Corporation के प्रेसिडेंट Toshihiro Suzuki ने पिछले साल भारत में अगले पांच से छह वर्षों के दौरान करीब ₹70,000 करोड़ निवेश की बात कही थी।

अब Maruti Suzuki ने FY27 से FY31 के लिए अपना कैपेक्स प्लान बढ़ाकर ₹77,500 करोड़ कर दिया है। कंपनी का यह निवेश भारत में उत्पादन और कारोबार को और विस्तार देने की रणनीति का हिस्सा है।

2008 के बाद बनी Maruti कारें E20 compatible

Annual General Meeting में E20 पेट्रोल को लेकर भी शेयरधारकों ने कंपनी से सवाल किया। इस पर Hisashi Takeuchi ने स्पष्ट किया कि 2008 के बाद उत्पादन वाली Maruti Suzuki की सभी कारें E20 ईंधन के अनुकूल हैं।

उन्होंने कहा कि कंपनी ने वर्ष 2008 से ही अपने वाहनों की ethanol compatibility में सुधार किया है। मौजूदा सभी मॉडल भी E20 compatible हैं।

E20 पेट्रोल में 20% तक ethanol blending होती है। ऐसे में कंपनी का यह स्पष्टीकरण उन ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपनी पुरानी Maruti कारों में E20 ईंधन के इस्तेमाल को लेकर चिंतित हैं।

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सोलर पावर क्षमता भी बढ़ाएगी कंपनी

Maruti Suzuki ने अपने मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी योजनाएं बताई हैं।

कंपनी के अनुसार FY25-26 में उसकी इन-हाउस सोलर क्षमता 79.1 मेगावाट थी। इसे 2030-31 तक बढ़ाकर 211.3 मेगावाट करने की योजना है।

कंपनी का अनुमान है कि इससे उसकी कुल बिजली जरूरत का करीब 35% हिस्सा पूरा किया जा सकेगा।

सोलर और विंड से खरीदी जाएगी ग्रीन बिजली

कंपनी की योजना सिर्फ इन-हाउस सोलर क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है। Maruti Suzuki अपने प्लांट के संचालन के लिए बाकी बिजली की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा सोलर और विंड पावर से हासिल करने की योजना बना रही है।

इसका उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया में कार्बन उत्सर्जन कम करना और कार्बन न्यूट्रल मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में आगे बढ़ना है।

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तीन प्लांट में लगाए जाएंगे बायोमास प्लांट

Maruti Suzuki अपने मानेसर और खरखौदा प्लांट के अलावा गुजरात के सानंद स्थित नए प्लांट में भी बायोमास प्लांट लगाने की योजना बना रही है।

कंपनी का कहना है कि सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग के लिए सोलर, विंड और बायोमास जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा।

Maruti Suzuki का ₹77,500 करोड़ का नया कैपेक्स प्लान कंपनी के भारत में लंबे समय के विस्तार की रणनीति को दिखाता है। क्षमता विस्तार, नए मॉडल, R&D और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग पर निवेश से कंपनी आने वाले वर्षों में अपने कारोबार को और मजबूत करने की तैयारी कर रही है।