Credit Card लिमिट 3 लाख, खर्च सिर्फ 50 हजार तो क्या होगा फायदा? जानिए क्रेडिट स्कोर पर असर
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अगर आपके Credit Card की लिमिट 3 लाख रुपये है और आप हर महीने इसमें से सिर्फ 50 हजार रुपये का इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपकी वित्तीय आदतों के लिए फायदेमंद हो सकता है। कम खर्च और ज्यादा उपलब्ध क्रेडिट लिमिट के कारण आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो कम रहता है। हालांकि, इसका फायदा तभी मिलता है जब आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल समझदारी से करें और हर महीने बकाया राशि समय पर चुकाएं।
सबसे जरूरी बात यह है कि क्रेडिट कार्ड की 3 लाख रुपये की लिमिट को अपनी अतिरिक्त कमाई नहीं समझना चाहिए। यह बैंक की ओर से उपलब्ध कराया गया उधार है, जिसे इस्तेमाल करने के बाद वापस करना होता है। क्रेडिट कार्ड का कर्ज महंगे कर्ज में शामिल होता है इसलिए सिर्फ ज्यादा लिमिट देखकर खर्च बढ़ाना नुकसानदेह हो सकता है।
3 लाख की लिमिट में 50 हजार खर्च करने पर कितना रहता है इस्तेमाल?
मान लीजिए आपके क्रेडिट कार्ड की कुल लिमिट 3 लाख रुपये है और महीने में आपका इस्तेमाल या बकाया 50 हजार रुपये है। इस स्थिति में आप अपनी उपलब्ध क्रेडिट लिमिट का करीब 16.7 फीसदी इस्तेमाल कर रहे हैं।
आमतौर पर क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो को कुल क्रेडिट लिमिट के 30 फीसदी से नीचे रखना बेहतर माना जाता है। इसलिए 3 लाख की लिमिट में 50 हजार रुपये का इस्तेमाल अपेक्षाकृत कम उपयोग को दिखाता है।
कम क्रेडिट यूटिलाइजेशन, समय पर भुगतान और भुगतान में किसी तरह की देरी नहीं होने जैसी आदतें मिलकर एक स्वस्थ क्रेडिट प्रोफाइल बनाने में मदद कर सकती हैं।
कम क्रेडिट इस्तेमाल से क्रेडिट प्रोफाइल को फायदा
जब कोई व्यक्ति अपनी उपलब्ध क्रेडिट लिमिट का छोटा हिस्सा ही इस्तेमाल करता है और लगातार समय पर भुगतान करता है, तो यह उसके क्रेडिट व्यवहार की अच्छी तस्वीर पेश कर सकता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि सिर्फ कम क्रेडिट यूटिलाइजेशन से क्रेडिट स्कोर अपने आप बढ़ जाएगा। भुगतान का रिकॉर्ड, कुल कर्ज, क्रेडिट इतिहास और अन्य कारक भी महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए कम इस्तेमाल के साथ समय पर भुगतान करना भी जरूरी है।
2.50 लाख रुपये की उपलब्ध लिमिट बन सकती है वित्तीय कुशन
3 लाख रुपये की लिमिट में अगर 50 हजार रुपये का ही इस्तेमाल किया गया है, तो करीब 2.50 लाख रुपये की क्रेडिट लिमिट उपलब्ध रहती है। यह उपलब्ध लिमिट अचानक आने वाले खर्च के समय एक वित्तीय कुशन की तरह काम कर सकती है।
ऐसी स्थिति में व्यक्ति को तुरंत अलग से लोन लेने या अपनी बचत निकालने की जरूरत कम पड़ सकती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि उपलब्ध पूरी लिमिट को खर्च करने की क्षमता मान लिया जाए।
बड़ी लिमिट को अतिरिक्त कमाई समझना हो सकता है नुकसानदेह
क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ने का सबसे बड़ा जोखिम यह है कि व्यक्ति अपनी खर्च करने की क्षमता को वास्तविक आय से ज्यादा मानने लगे। अगर 3 लाख रुपये की लिमिट देखकर अनावश्यक खरीदारी शुरू कर दी जाए, तो कम क्रेडिट यूटिलाइजेशन का फायदा भी खत्म हो सकता है।
उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति सिर्फ इसलिए महंगी खरीदारी करने लगे क्योंकि उसके कार्ड में पर्याप्त लिमिट उपलब्ध है, तो महीने का बजट बिगड़ सकता है। समय पर पूरा भुगतान नहीं होने की स्थिति में ब्याज और अन्य शुल्क वित्तीय बोझ बढ़ा सकते हैं।
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Credit Card का इस्तेमाल बजट के हिसाब से करें
क्रेडिट कार्ड को रोजमर्रा के खर्चों को संभालने का आसान माध्यम जरूर माना जा सकता है लेकिन इसे आय का विकल्प नहीं बनाया जाना चाहिए। कार्ड से किया गया हर खर्च भविष्य में चुकाया जाने वाला दायित्व है।
अगर 3 लाख रुपये की लिमिट वाले कार्ड से 50 हजार रुपये खर्च किए जा रहे हैं और पूरी बकाया राशि समय पर चुका दी जाती है, तो यह नियंत्रित क्रेडिट इस्तेमाल का उदाहरण हो सकता है। वहीं, अगर खर्च लगातार बढ़ता जाए और भुगतान क्षमता से बाहर चला जाए, तो ज्यादा लिमिट परेशानी का कारण भी बन सकती है।
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असली फायदा लिमिट में नहीं, इस्तेमाल के तरीके में
3 लाख रुपये की क्रेडिट लिमिट और 50 हजार रुपये का इस्तेमाल अपने आप में किसी व्यक्ति की वित्तीय स्थिति अच्छी होने की गारंटी नहीं है। असली फायदा इस बात पर निर्भर करता है कि कार्ड का इस्तेमाल कितनी जिम्मेदारी से किया जा रहा है।
कम क्रेडिट यूटिलाइजेशन, समय पर भुगतान, नियंत्रित खर्च और अपनी क्षमता के मुताबिक उधार लेना लंबे समय में मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल बनाने में मदद कर सकता है। इसलिए क्रेडिट कार्ड की बड़ी लिमिट को खर्च करने का मौका नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल किए जाने वाले वित्तीय साधन के तौर पर देखना बेहतर है।
