क्या Axis Bank बनेगा अगला बड़ा बैंकिंग स्टार? UBS ने बताए तीन मजबूत कारण

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इंटरनेशनल ब्रोकेर ने Axis Bank के रेटिंग को अपग्रेड किया है और टारगेट रेट Rs 1,500 दिया गया है। इसका मतलब वर्तमान स्तर से लगभग 16-17% का upside दिखता है। UBS के अनुसार अब बैंक उन चुनौतियों से बाहर निकल रहा है जो पिछले कुछ समय से उसके प्रदर्शन को रोक रही थीं। चलिए आसान भाषा में समझते हैं कि UBS किन तीन बड़ी बातों के आधार पर bullish है और निवेशक को किन चीजों पर नजर रखनी चाहिए।

1) Liability pressure में राहत और loan growth का मौका

UBS कहता है कि Axis Bank पर जो liability pressure था वह धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसका मतलब यह हुआ कि बैंक के पास अब सस्ते या स्थिर स्रोतों से deposits का हिस्सा बेहतर हो रहा है। साथ ही retail stress में भी स्थिरता दिख रही है।

यह संयोजन बैंक को नए लोन देने की जगह देता है। UBS का अनुमानों के अनुसार Axis Bank अगले कुछ वर्षों में 14-15% सालाना loan growth हासिल कर सकता है। अगर बैंक सही तरह से retail और SME डिमांड को कैप्चर कर लेता है तो यह वृद्धि रियल में दिखेगी।

2) Margins में सुधार का रास्ता

ब्याज दरों के रुख और deposit repricing के चलते short term में margins दबे रह सकते हैं। लेकिन UBS का मानना है कि जैसे-जैसे depósito पुनः-प्राइसिंग संतुलित होगी और कुछ नीतिगत राहतें आएंगी, net interest margin धीरे-धीरे ऊपर आएगा। अनुमान है कि NIM अगले सालों में 3.3% से बढ़कर 3.8% तक जा सकता है।

Margin में सुधार का सीधा फायदा यह होगा कि net interest income बढ़ेगा और bank की overall earning potential बेहतर दिखेगी। UBS ने projection दिया है कि net interest income में वृद्धि से बैंक के कुल नफ़ा आने वाले वर्षों में बेहतर रहेगा।

3) Credit costs पहले के पीक के पास और re-rating की गुंजाइश

पिछले कुछ क्वार्टर में Axis Bank के slippages और credit costs ऊँचे रहे। UBS की नजर में यह worst phase अब पास है। वह मानता है कि credit cost अगले वर्षों में कम होकर लगभग 0.8% के आस-पास आ सकती है जबकि अभी के अनुमानों में यह 1.1% के आसपास था।

credit costs के घटने का मतलब यह होगा कि provisioning की जरूरत कम होगी और pre-provision operating profit बेहतर दिखाई देगा। साथ में operating leverage भी वापिस आएगा क्योंकि integration और अतिरिक्त खर्चे जो पिछले वर्षों में उठाए गए थे, अब धीमे होंगे। UBS का अनुमान है कि cost-to-income ratio में सुधार होगा और इससे bank की profitability पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

UBS के संख्यात्मक अनुमान

UBS ने अपने मॉडल में Axis Bank के लिए अगले कुछ वर्षों के आंकड़े भी दिए हैं। प्रमुख अनुमान यह हैं —

वर्ष Net Interest Income (Rs करोड़) Net Profit (Rs करोड़) अन्य महत्वपूर्ण अनुमान
FY26 (estimate) 56,964 25,659 Credit cost ~1.1%
FY27 (estimate) 65,593 32,206 NIM ~3.8%
FY28 (estimate) 37,818 ROE/ROA में सुधार अपेक्षित

ये अनुमान UBS के internal मॉडल पर आधारित projections हैं और इन रास्तों से बैंक का फंडामेंटल सुधार दिखता है। ध्यान रखें कि projections बदल भी सकते हैं पर UBS का बेस-केस अभी सुधार का ही दिखता है।

क्यों UBS ने re-rating की बात की

UBS कहता है कि Axis Bank का valuation peers के मुकाबले काफी discount पर है। बैंक वर्तमान में estimated book value के ~1.5x पर trade कर रहा है, जो कि कुछ बड़े बैंक जैसे ICICI Bank और HDFC Bank के मुकाबले नीचे है। UBS का मानना है कि अगर ऊपर बताई गयी सुधार प्रक्रियाएँ साकार होती हैं तो valuation gap कम होगा और re-rating हो सकती है।

जोखिम जिन पर नजर बनाये रखें

जहाँ UBS का दृष्टिकोण सकारात्मक है, वहीं कुछ जोखिम भी मौजूद हैं जिन्हें अनदेखा नहीं करना चाहिए।

  • अगर retail asset quality फिर से बिगड़ती है तो recovery की गति धीमी पड़ेगी।
  • अगर loan growth उम्मीद के अनुरूप नहीं बढ़ती तो re-rating धीमा रहेगा।
  • ब्याज दरों में तेज गिरावट या अप्रत्याशित policy moves margins पर दबाव डाल सकती हैं।
  • वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएँ और liquidity shocks विदेशी निवेशकों का रुख बदल सकते हैं।

निवेशक क्या करें!

यदि आप Axis Bank में निवेश करने का सोच रहे हैं तो कुछ बिंदु मददगार होंगे। सबसे पहले अपनी निवेश अवधि तय करें। यह स्थिति तब ज्यादा आकर्षक लगती है जब आप मध्यम से लंबी अवधि के लिए सोचते हैं क्योंकि सुधार के संकेतों का पूरा असर समय में दिखेगा।

दूसरा, जोखिम प्रबंधन जरूरी है। allocation को diversify रखें और पूरी पूँजी एक ही स्टॉक में न रखें। तीसरा, bank के quarterly परिणाम और asset quality indicators को नियमित रूप से देखें। खासकर slippage trends, recoveries और deposit mix पर ध्यान दें।

कब Axis Bank को ‘बिग बैंकिंग’ माना जा सकता है?

Axis Bank को बिग बैंकिंग की श्रेणी में रखने के लिए कुछ concrete संकेत चाहिए होंगे — लगातार loan growth, margins में sustained सुधार, credit costs का नीचे आना, और valuation gap का सिकुड़ना। यदि ये तीनों चीजें एक साथ दिखाई दें तो UBS की तरह re-rating और आगे का upside सम्भव है।

अंत में यह याद रखें कि किसी एक ब्रोकरेज की राय पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। UBS का परिप्रेक्ष्य एक मजबूत thesis देता है पर व्यवहारिक निर्णय आपकी रिस्क प्रोफ़ाइल और समयावधि पर निर्भर होने चाहिए।

अगर आप चाहें तो मैं इसी विषय पर एक छोटा-सा checklist बना कर दे दूँगा जिसे आप हर क्वार्टर में चेक कर सकें। इससे आपको पता चलता रहेगा कि UBS के assumptions कितनी जल्दी और कितनी साफ़ी से पूरा हो रहे हैं।

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