Infosys Buyback 2025 का काउंटडाउन शुरू: खुलने से पहले जानें ये 7 बातें

Infosys ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा शेयर बायबैक शुरू करने की घोषणा की है: कुल ₹18,000 करोड़ का यह प्रोग्राम 20 नवंबर 2025 को खुलने वाला है और 26 नवंबर शाम 5 बजे तक खुला रहेगा। यह कदम कंपनी की पूंजी वापसी नीति का एक अहम हिस्सा है, और शेयरधारकों को यह समझना महत्वपूर्ण है कि वे कैसे और किन शर्तों पर अपनी हिस्सेदारी ज़मां सकते हैं। नीचे वे सात “मस्ट-नॉउ” नियम दिए गए हैं जिन्हें प्रत्येक निवेशक को बायबैक में भाग लेने से पहले जानना चाहिए।
1. बायबैक विंडो की समयावधि
Infosys का बायबैक टेंडर विंडो 20 नवंबर से खुलकर 26 नवंबर, दिन में शाम 5 बजे बंद होगा। इस समयावधि के बाहर जमा किए गए टेंडर स्वीकार नहीं होंगे। इसलिए जिन शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने की योजना है, उन्हें इस अवधि में ही अपना आवेदन देना चाहिए।
2. रिकॉर्ड डेट तय हो चुकी है
कंपनी ने 14 नवंबर 2025 को रिकॉर्ड डेट घोषित की है। इसका मतलब यह है कि सिर्फ वे शेयरधारक हिस्सा ले सकते हैं जिनके नाम इस तारीख को कंपनी की शेयर रजिस्टर में हैं। यदि आप इस दिन तक अपने शेयर नहीं रखते, तो आप बायबैक में भाग लेने के पात्र नहीं होंगे।
3. बायबैक प्राइस फिक्स्ड है
Infosys हर शेयर को ₹1,800 की स्थिर कीमत पर वापस खरीदने का ऑफर दे रहा है। यह प्राइस कंपनी द्वारा पहले से तय किया गया है, जिसका लाभ उस समय के शेयरधारकों को मिलता है जो रिकॉर्ड डेट तक शेयर होल्डिंग में थे।
4. एंटाइटलमेंट रेशियो अलग-अलग कैटेगरी के लिए
Infosys ने दो श्रेणियों के लिए एंटाइटलमेंट रेशियो तय किया है:
- रिटेल निवेशक (छोटे शेयरधारक): 2 शेयर पकड़ने पर 11 शेयरों के अनुपात में जमा किए गए शेयरों को स्वीकार किया जा सकता है।
- जनरल निवेशक (संस्थागत और अन्य): 706 शेयरों में से 17 शेयरों की एंटाइटलमेंट तय की गई है।
लेकिन यह ध्यान दें कि स्वीकार्य शेयरों की संख्या इस बेस एंटाइटलमेंट से अधिक भी हो सकती है, अगर आवेदनकर्ता कम हों।
5. बायबैक फंडिंग कॉर्पोरेट रीसोर्सेज से
Infosys ने यह स्पष्ट किया है कि यह बायबैक अपने आंतरिक रिज़र्व (internal reserves) से फंड किया गया है। कंपनी का लक्ष्य अपने पूंजी साझेदारी रणनीति के हिस्से के रूप में निवेशकों को अतिरिक्त नकदी लौटाना है, बैलेंस रखते हुए भविष्य के ऑपरेशनल ज़रूरतों की।
6. शेयर टेंडर कैसे करें
शेयरधारक अपने शेयरों को टेंडर करने के लिए BSE या NSE में पंजीकृत अपने ब्रोक़र से संपर्क करें। टेंडर की प्रक्रिया निम्न प्रकार होगी:
- ब्रोक़र को बताना होगा कि आप कितने शेयर टेंडर करना चाहते हैं।
- एक बार आपका आवेदन सबमिट हो जाने के बाद एक्सचेंज एक ट्रांज़ैक्शन रजिस्ट्रेशन स्लिप (TRS) जारी करेगा, जो आपके टेंडर की पुष्टि करेगा।
यदि आपके शेयर डिमैट (Demat) में हैं, तो आपको किसी भौतिक टेंडर फॉर्म या दस्तावेज़ को रजिस्ट्रार को भेजने की आवश्यकता नहीं होगी। लेकिन यदि आपके शेयर भौतिक हैं, तो आपको टेंडर फॉर्म, TRS और अन्य ज़रूरी कागजात रजिस्ट्रार (KFin Technologies) को भेजने होंगे, और यह सब 26 नवंबर शाम 5 बजे से पहले होना चाहिए।
7. टैक्स और कर नियम
Infosys बायबैक पर मिले पैसे को लाभांश जैसा व्यवहार किया जाएगा और टैक्स के नियम इसके अनुसार होंगे। यह लाभ ट्रेंड-ऑफर टैक्स की तरह नहीं माना जाएगा। शेयर टेंडर करने पर जो आप प्राप्त करते हैं, उस पर टैक्स कैपिटल गेन टैक्स की श्रेणी के अनुसार लगाया जाएगा — यह हो सकता है शॉर्ट-टर्म या लॉन्ग-टर्म हो, आपके होल्डिंग पीरियड पर निर्भर करता है।
संक्षिप्त जोखिम और सोच
यह बायबैक Infosys के लिए महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट एक्शन है, और हर शेयरधारक को सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए। अगर आपकी होल्डिंग छोटी है, तो एंटाइटलमेंट रेशियो आपके पक्ष में काम कर सकता है। हालांकि, अगर बहुत सारे शेयरधारक टेंडर करते हैं, तो आपके स्वीकार किए जाने की संभावना कम भी हो सकती है। इसके अलावा, टैक्स इंपैक्ट और आपके निवेश के दीर्घकालीन उद्देश्य पर भी ध्यान देना ज़रूरी है।
निवेशकों के लिए सुझाव
- अपने होल्डिंग और एंटाइटलमेंट को अभी ही जांचें, ताकि आप टेंडर विंडो शुरू होने से पहले तैयारी कर सकें।
- ब्रोक़र के साथ बात करें और यह सुनिश्चित करें कि उन्होंने आपके टेंडर को सही तरीके से रजिस्टर किया है।
- अगर आपके शेयर भौतिक रूप में हैं, तो समय रहते सभी दस्तावेज़ तैयार रखें और उन्हें रजिस्ट्रार को भेजें।
- लॉन्ग-टर्म निवेशकों को यह मूल्यांकन करना चाहिए कि क्या बायबैक उनकी पूंजी वापसी रणनीति में फिट बैठता है या बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, Infosys का यह ₹18,000 करोड़ का बायबैक उन शेयरधारकों के लिए एक बड़ा अवसर हो सकता है जो कंपनी में विश्वास रखते हैं और वर्तमान में अपनी हिस्सेदारी को नकदी में बदलना चाहते हैं। लेकिन सिर्फ “भाग लेने” का निर्णय लेने से पहले ऊपर दिए गए सभी सात नियमों को ध्यान से समझना और अपनी स्थिति के अनुरूप सही रणनीति बनाना बहुत महत्वपूर्ण है।
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