Inside the Gold Loan Boom: Muthoot Finance क्यों कर रहा है Manappuram को पछाड़

Gold Loan NBFC सेक्टर में तेज़ी से बूम देखने को मिल रहा है, और इस लोन डोमेन में Muthoot Finance ने अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी Manappuram Finance से आगे बढ़कर बेहतर प्रदर्शन दिखाया है। RBI के आंकड़ों के मुताबिक, गोल्ड लोन का मार्केट अब लगभग ₹3.16 लाख करोड़ तक पहुँच चुका है, जिसमें NBFCs की हिस्सेदारी करीब 55-60% है।
मुख्य आंकड़े: Muthoot vs Manappuram (Q2 FY26)
| मैट्रिक | Muthoot Finance | Manappuram Finance |
|---|---|---|
| Gold-loan AUM | ₹1.24 लाख करोड़ (YoY +45%) | ₹30,236 करोड़ (YoY +30.1%) |
| Net Interest Margin (NIM) | ~11.2% | ~19.7% (net yield में गिरावट) |
| Gross/Stage III NPA | 1.86% | 2.6% |
| Net Profit (Q2) | ₹2,345 करोड़ (+87.5% YoY) | ₹375.9 करोड़ (-20% YoY) |
| ROE | ~19.7% | ~16% |
क्यों Muthoot Finance आगे है?
- उच्च प्रॉफिट मार्जिन: NIM मजबूत, फंडिंग और लोन स्प्रेड बेहतर।
- तेजी से ग्रोथ: AUM में 45% YoY वृद्धि, विस्तार की क्षमता मजबूत।
- बेहतर असेट क्वॉलिटी: कम Stage III NPA, निवेशकों का भरोसा बना रहता है।
- प्रॉफिट ग्रोथ: Q2 में Net Profit में 87.5% बढ़ोतरी।
- उच्च ROE: ~19.7%, पूंजी का प्रभावी उपयोग।
भविष्य की संभावनाएँ और जोखिम
- सोने की कीमतें और डिजिटल पहुंच गोल्ड‑लोन की मांग बढ़ा सकते हैं।
- NBFC स्टॉक्स का वैल्यूएशन अब ऊँचा है।
- नियामक और LTV जोखिम: सोने की कीमतें गिरने पर NPA बढ़ सकता है।
- फंडिंग कॉस्ट बढ़ने से मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।
निवेशक के लिए संकेत
गोल्ड‑लोन NBFC सेक्टर में Muthoot Finance की मजबूत AUM ग्रोथ, बेहतर मार्जिन, कम NPA और प्रॉफिट ग्रोथ इसे निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बनाती है। वहीं Manappuram Finance को प्रॉफिट में गिरावट और बढ़ते NPA के कारण सावधानी से देखा जाना चाहिए।
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