Midday कारोबार: Groww की तेज़ रफ्तार रुकी, Tenneco ने लिस्टिंग में चौंकाया; Infosys-TCS ने IT सेक्टर का साथ

दोपहर के कारोबार में बाज़ार कुछ हद तक स्थिर दिखा, पर कई स्टॉक्स ने तीव्र हलचल दी। कुछ शेयरों में तेज़ गिरावट आई तो कुछ में बड़ी उछाल आया। Groww की हालिया रन के बाद गिरावट ने निवेशकों का ध्यान खिंचा, वहीं Tenneco की लिस्टिंग ने नया उत्साह जगाया। IT सेक्टर में Infosys के बायबैक की घोषणा और TCS के नए कॉन्ट्रैक्ट ने समूह को मजबूती दी, जबकि कुछ renewable और infra स्टॉक्स में कंपनी-specific घटनाओं से दबाव भी आया।
Market की समग्र दिशा दोपहर तक सीमित रेंज में रही, पर individual stocks में आई बड़ी चालों ने ट्रेडिंग फ्लो को प्रभावित किया। नीचे उन प्रमुख मोवर्स का पूरा आकलन दिया जा रहा है जो midday सत्र में सुर्खियों में रहे।
Groww: तूफानी राइड के बाद मजबूती का सुधार नहीं
Groww ने पिछले कुछ दिनों में जबर्दस्त बढ़त दिखाई थी, पर आज दोपहर सत्र में उसकी रफ़्तार ठहर सी गयी। स्टॉक में तेज-सी गिरावट दर्ज हुई और इसका भाव पिछले बंद के मुकाबले नीचे आ गया। इस pullback को देखना ज़रूरी है क्योंकि इससे retail sentiment पर असर पड़ सकता है — खासकर उन निवेशकों पर जिन्होंने हाल के रैलियों में एंट्री की थी। कंपनी जल्द ही अपने नतीजों पर कॉल करने वाली है और उससे जुड़ी जानकारियाँ अगले सत्रों में भी स्टॉक की दिशा तय कर सकती हैं।
Tenneco Clean Air India: IPO लिस्टिंग ने दिलाए तेज मुनाफे
Tenneco की लिस्टिंग ने मार्केट को आश्चर्यचकित कर दिया। IPO प्राइस के मुकाबले इसकी लिस्टिंग प्रीमियम पर हुई और शुरुआती रेटिंग में स्टॉक ने अच्छा प्रदर्शन दिखाया। नए लिस्टिंग में आई इस रफ्तार ने auto components सेक्टर में renewed interest जगाया है, खासकर उन निवेशकों में जो IPO-listing gains को short-term opportunity के रूप में देखते हैं।
Infosys और TCS: कॉर्पोरेट फैसलों से IT में भरोसा बना
Infosys ने बायबैक का शेड्यूल घोषित किया, जिससे IT-बास्केट में सकारात्मक प्रवाह दिखा। बायबैक की घोषणा ने निवेशकों को यह भरोसा दिया कि कंपनी अपने कैपिटल को शेयरहोल्डर्स को लौटाने पर गंभीर है। इसी के साथ TCS को एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला, जिससे उसके शेयर में भी तेजी आई और IT इंडेक्स में इन्वेस्टर्स की रुचि बनी रही।
Waaree Energies: जब्त कार्यवाही से दबाव
Waaree Energies में अचानक IT विभाग की कार्रवाई की खबरों के बाद स्टॉक में गिरावट आई। हालाँकि कंपनी ने सहयोग का आश्वासन दिया और अपने तिमाही नतीजों में मजबूत लाभ दर्शाए, पर जांच-सम्बन्धी खबरों ने निवेशकों को सावधान कर दिया और स्टॉक पर दबाव बना रहा।
KP Energy और Mphasis: पार्टनरशिप और प्रमोटर सेल के असर
KP Energy को एक MoU के कारण खरीदारी का फायदा मिला और स्टॉक में अच्छी उछाल देखी गई। वहीं Mphasis में प्रमोटर हिस्सेदारी में बड़े लेन-देनों के बाद stabilization देखने को मिली क्योंकि mutual funds और अन्य संस्थागत निवेशकों ने कुछ हिस्से उठाकर सपोर्ट दिया।
Midday के प्रमुख Gainers और Losers
| Top Gainers | नज़दीकी भाव (प्रति शेयर) | टिप्पणी |
|---|---|---|
| Tenneco Clean Air India | ≈₹505 (listing) | IPO पर strong listing |
| Infosys | ≈₹1,540 | बायबैक की घोषणा से मजबूती |
| TCS | ≈₹3,149 | नए कॉन्ट्रैक्ट का फायदा |
| KP Energy | ≈₹425 | MoU से उछाल |
| Max Healthcare | ≈₹1,163 | कुशल तिमाही परिणाम |
| Top Losers | नज़दीकी भाव (प्रति शेयर) | टिप्पणी |
|---|---|---|
| Groww | ≈₹170 | तेज़ रैली के बाद profit-booking |
| KEC International | ≈₹735 | नए टेंडर से असमर्थता का दबाव |
| Waaree Energies | ≈₹3,075 | टैक्स अधिकारियों की कार्रवाई से दबाव |
| MphasiS | ≈₹2,696 | प्रमोटर हिस्से की बिक्री के बाद stabilization |
बाज़ार का समग्र मूल्यांकन
आज का सेशन यह दिखाता है कि मार्केट इस समय stock-specific खबरों और कॉर्पोरेट-इवेंट्स पर ज्यादा प्रतिक्रिया दे रहा है बजाय broad macro-driven moves के। कुछ कंपनियों के लिए सकारात्मक कॉर्पोरेट घोषणाएँ तुरन्त भाव बढ़ाती हैं, तो कुछ पर regulatory या tender-related खबरें नकारात्मक असर दिखाती हैं।
निवेशकों के लिए संकेत
- Short-term traders के लिए volatility अवसर दे सकती है, पर stop-loss का प्रयोग आवश्यक है।
- Long-term investors को उन कंपनियों पर ध्यान रखना चाहिए जिनके fundamentals मजबूत हों और जो regulatory घटनाओं से प्रभावित न हों।
- IPO लिस्टिंग का जोश तेज-मुनाफे का मौका दे सकता है, पर यह short-term reactive होता है — risk management जरूरी है।
- IT और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर्स में news-driven momentum दिख सकता है; वहीं renewable एवं infra स्टॉक्स में company-specific risks पर गौर करें।
अगले सत्रों में ट्रेडिंग की दिशा global indicators, किसी भी अतिरिक्त corporate disclosures और quarterly earnings पर निर्भर करेगी। निवेशक सतर्क रहे और खबरों को ध्यान से पढ़कर ही पोजिशन लें।
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