भारत की Top 10 में से 8 कंपनियों ने पिछले सप्ताह जोड़ा ₹2 लाख करोड़ से अधिक का बाजार मूल्य

भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली, जिसके परिणामस्वरूप देश की Top 10 कंपनियों में से 8 कंपनियों ने संयुक्त रूप से ₹2 लाख करोड़ से अधिक का बाजार मूल्य जोड़ा। यह उछाल न केवल निवेशकों की बढ़ती आशावादिता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि बड़े-कैप शेयरों में विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। Bharti Airtel, Reliance Industries और Tata Consultancy Services (TCS) जैसी कंपनियों ने इस रैली में सबसे अधिक योगदान दिया, जबकि कुछ कंपनियाँ जैसे Bajaj Finance और LIC इस बढ़त में शामिल नहीं हो सकीं।
पिछले कुछ महीनों की तुलना में यह सप्ताह इसलिए भी खास रहा क्योंकि वैश्विक संकेतों, घरेलू आर्थिक स्थिरता, और सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल ने बड़े निवेशकों को आकर्षित किया। जहां निफ्टी ने सप्ताह के दौरान जोरदार मजबूती दिखाई, वहीं सेंसेक्स में भी लगातार खरीदारी देखने को मिली। नतीजतन, टॉप-10 कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्य तेजी से बढ़ा और यह संकेत मिला कि बाजार एक बार फिर बुलिश मोड की ओर लौट रहा है।
कंपनी-वार मार्केट कैप बदलाव (सप्ताह)
| Company | Market Cap Change (₹ Crore) | Trend |
|---|---|---|
| Bharti Airtel | +55,624 | Gain |
| Reliance Industries | +55,053 | Gain |
| TCS | +40,352 | Gain |
| ICICI Bank | +16,312 | Gain |
| SBI | +15,435 | Gain |
| HDFC Bank | +14,122 | Gain |
| Infosys | +8,010 | Gain |
| HUL | +5,743 | Gain |
| Bajaj Finance | -29,983 | Loss |
| LIC | -9,214 | Loss |
ऊपर दी गई तालिका से स्पष्ट है कि इस सप्ताह की रैली में अधिकांश कंपनियों ने मजबूती दिखाई। जहां Bharti Airtel और Reliance ने सबसे अधिक बढ़त दर्ज की, वहीं Bajaj Finance और LIC को नुकसान उठाना पड़ा। यह दिखाता है कि मार्केट की यह तेजी सर्वव्यापी नहीं थी, बल्कि सेक्टर-विशेष और कंपनी-विशेष कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे।
सबसे अधिक मार्केट-कैप बढ़ाने वाली कंपनियाँ
इस सप्ताह सबसे अधिक लाभ Bharti Airtel को मिला, जिसने लगभग ₹55,000 करोड़ से ज्यादा का मार्केट कैप जोड़ा। कंपनी के शेयरों में निवेशकों का भरोसा बढ़ने के पीछे उसकी मजबूत सब्सक्राइबर ग्रोथ, 5G विस्तार और नियमित रूप से मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को कारण बताया जा रहा है। Reliance Industries ने भी लगभग ₹55,000 करोड़ का इज़ाफा किया, जिसका श्रेय ऊर्जा कारोबार के साथ-साथ रिटेल और डिजिटल सेवाओं के विस्तार को मिलता है।
IT सेक्टर में TCS ने अकेले लगभग ₹40,000 करोड़ का मार्केट कैप जोड़ा, जिससे निवेशकों का भरोसा टेक सेक्टर की स्थिरता पर फिर मजबूत हुआ। वहीं, बैंकिंग सेक्टर की प्रमुख कंपनियाँ — ICICI Bank, SBI और HDFC Bank — सभी ने अच्छी बढ़त दिखाई।
कौन सी कंपनियाँ पिछड़ गईं?
Bajaj Finance और LIC इस सप्ताह की रैली का हिस्सा नहीं बन सकीं। Bajaj Finance ने लगभग ₹30,000 करोड़ का मार्केट कैप गंवाया, जिसका कारण NBFC सेक्टर में ब्याज दर हालात और फंडिंग लागत का दबाव बताया जा रहा है। LIC ने भी लगभग ₹9,000 करोड़ का नुकसान उठाया, जो बीमा उद्योग में प्रतिस्पर्धा और इसके पोर्टफोलियो पर दबाव का प्रतिबिंब है।
बाज़ार में यह उछाल क्यों आया?
इस तेजी के पीछे कई कारक हैं: वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में स्थिरता के संकेत, घरेलू निवेशकों (फंड्स) की सक्रिय भागीदारी और सेक्टर-विशिष्ट पॉज़िटिविटी। टेलीकॉम में Bharti Airtel की सब्सक्राइबर ग्रोथ, 5G नेटवर्क विस्तार और बढ़ता ARPU, ऊर्जा सेक्टर में Reliance की O2C और डिजिटल कारोबार की मजबूती, तथा IT सेक्टर की कंपनियों में क्लाइंट डिमांड बढ़ने की उम्मीद ने निवेशकों को आकर्षित किया।
निफ्टी और सेंसेक्स का हाल
निफ्टी ने पिछले सप्ताह लगभग 417 अंक की बढ़त दर्ज की, जबकि सेंसेक्स में 1.6% से अधिक की रैली देखी गई। दोनों प्रमुख इंडेक्स में मजबूत खरीदारी और भरोसा दिखा, जिससे बाजार की मजबूती का स्पष्ट संकेत मिला। निवेशकों ने बड़ी-कैप कंपनियों में प्रवाह बनाए रखा, जिससे सूचकांक में सकारात्मकता बनी रही।
सेक्टर-वार परिदृश्य
टेलीकॉम, एनर्जी और IT सेक्टर ने इस रैली में सबसे अधिक योगदान दिया है। Bharti Airtel ने 5G विस्तार और सब्सक्राइबर बेस के विस्तार से फायदा उठाया, जबकि Reliance ने अपनी ऊर्जा, रिटेल और डिजिटल इकाइयों के जरिए मजबूत प्रदर्शन दिखाया। IT क्षेत्र में TCS जैसी कंपनियाँ क्लाइंट डील्स और सस्टेनेबल लीड जनरेशन के चलते निवेशकों का भरोसा आकर्षित कर रही हैं। बैंकिंग सेक्टर में ICICI, SBI और HDFC बैंक ने क्रेडिट मांग और एसेट क्वालिटी में सुधार के संकेत दिए हैं।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
निवेशकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण पल है: बड़े-कैप कंपनियाँ फिर जी रही हैं और सेक्टर-रोटेशन का ट्रेंड भी दिखाई दे रहा है।
- अगर आप लॉन्ग-टर्म निवेशक हैं, तो उन कंपनियों पर ध्यान दें जिनका मार्केट-कैप लगातार बढ़ रहा है और जिनकी फंडामेंटल मजबूत हैं।
- जो कंपनियाँ इस रैली में पिछड़ गई हैं (जैसे Bajaj Finance, LIC), उनके कारणों को समझें और सावधानी से निवेश करें — गिरावट हमेशा बेचने का संकेत नहीं होती, कभी-कभी यह खरीदने का मौका भी होती है।
- पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन रखें — सिर्फ एक सेक्टर या कुछ बड़े स्टॉक्स में अधिक निर्भर न रहें।
- नियमित रूप से मार्केट और मैक्रो अपडेट देखें — यदि वैश्विक माहौल या घरेलू संकेत बदलते हैं, तो रणनीति को समायोजित करना महत्वपूर्ण है।
आगे का ट्रेंड कैसा रह सकता है?
यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था स्थिर बनी रहती है और भारत में आर्थिक संकेतक सकारात्मक आते हैं, तो यह तेजी और आगे बढ़ सकती है। लेकिन करेक्शन की संभावना को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। निवेशकों को लचीली रणनीति अपनानी चाहिए, जोखिम-प्रबंधन को अपनी प्राथमिकता बनाना चाहिए, और बाजार की गहराई (जैसे सेक्टर-विशिष्ट अवसर) पर भी नजर रखनी चाहिए।
कुल मिलाकर, पिछले सप्ताह की यह रैली बड़े-कैप शेयरों में पुनर्स्थापना का संकेत दे रही है और यह भी दिखाती है कि निवेशक अभी भी भारत की मजबूत कंपनियों में भरोसा रखते हैं। अगर यह ट्रेंड बना रहता है, तो निकट भविष्य में हमें नए मार्केट मील के पत्थर देखने को मिल सकते हैं।
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