Cult.fit IPO: ₹950 करोड़ जुटाने की तैयारी में कंपनी, SEBI के पास दाखिल किए दस्तावेज; जानिए कंपनी की कमाई, घाटा और निवेशकों की पूरी कहानी
Cult.fit will use the proceeds from the fresh issue towards setting up new fitness centres.
नई दिल्ली। भारत के तेजी से बढ़ते फिटनेस और वेलनेस सेक्टर की प्रमुख कंपनी Cult.fit ने शेयर बाजार में उतरने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास प्रारंभिक दस्तावेज (Draft Red Herring Prospectus-DRHP) दाखिल कर दिए हैं। इस आईपीओ के जरिए कंपनी 950 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी करेगी, जबकि मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) भी लाया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक OFS को मिलाकर इस आईपीओ का कुल आकार करीब 4,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यदि यह आईपीओ सफल रहता है तो यह भारत के संगठित फिटनेस और कमर्शियल वेलनेस सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। Cult.fit इस क्षेत्र की पहली बड़ी कंपनी होगी जो सार्वजनिक बाजार में निवेशकों के लिए अपने शेयर उपलब्ध कराएगी।
₹950 करोड़ के नए शेयर जारी करेगी कंपनी
आईपीओ के तहत Cult.fit ₹950 करोड़ के नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। इसके अलावा कई मौजूदा निवेशक कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगे। इस प्रक्रिया के जरिए कंपनी अपने विस्तार, तकनीकी विकास, नए फिटनेस सेंटर खोलने और अन्य कारोबारी जरूरतों के लिए पूंजी जुटाएगी। बताया जा रहा है कि OFS के तहत कुल 17.86 करोड़ (178.6 मिलियन) शेयर बेचे जा सकते हैं जिससे IPO का आकार काफी बड़ा हो जाएगा।
कौन-कौन से निवेशक बेच रहे हैं हिस्सेदारी
Cult.fit के आईपीओ में कई बड़े घरेलू और विदेशी निवेशक अपनी हिस्सेदारी का कुछ भाग बेचेंगे। इनमें प्रमुख नाम शामिल हैं-
- Temasek
- Tata Digital
- Accel India
- Chiratae Ventures
- Kalaari Capital
- Fitness First Luxembourg S.C.A.
- Schroders Capital
इसके अलावा Asian Paints के प्रमोटर समूह की कंपनी Doli Trading and Investments Pvt Ltd, Sun N Sand Hotels Pvt Ltd, Endiya Partners, Myntra के पूर्व CEO अनंत नारायणन का फैमिली ट्रस्ट तथा अभिनेता ऋतिक रोशन के ब्रांड HRX की निवेश इकाई Extreme Brands भी OFS के जरिए शेयर बेच सकती है। इन बड़े निवेशकों की मौजूदगी यह दिखाती है कि कंपनी में वर्षों से प्रतिष्ठित संस्थागत और निजी निवेशकों का भरोसा रहा है।
IPO का समय तय करने में बरती जा रही सावधानी
कंपनी फिलहाल आईपीओ के समय को लेकर लचीला रुख अपना रही है। इसकी एक वजह बाजार की मौजूदा परिस्थितियां भी हैं। हाल ही में Cult.fit के सह-संस्थापक अंकित नागोरी द्वारा शुरू की गई अलग कंपनी Curefoods ने अपने लगभग 800 करोड़ रुपये के प्रस्तावित आईपीओ को फिलहाल टाल दिया था। माना जा रहा है कि इसी अनुभव को देखते हुए Cult.fit बाजार की स्थिति के अनुसार सही समय पर अपना आईपीओ लॉन्च करेगी।
ये बैंक संभालेंगे IPO
Cult.fit के आईपीओ को सफल बनाने की जिम्मेदारी देश और दुनिया के कई बड़े निवेश बैंक संभाल रहे हैं। इनमें शामिल हैं-
- Axis Capital
- Goldman Sachs (India)
- Jefferies India
- JM Financial
- Morgan Stanley India
ये सभी संस्थान निवेशकों तक शेयरों की बिक्री और पूरे आईपीओ की प्रक्रिया का प्रबंधन करेंगे।
2016 में हुई थी Cult.fit की शुरुआत
Cult.fit की स्थापना वर्ष 2016 में Mukesh Bansal और Ankit Nagori ने की थी। मुकेश बंसल ई-कॉमर्स कंपनी Myntra के सह-संस्थापक भी रह चुके हैं। आज Cult.fit देश के 77 शहरों में 708 फिटनेस सेंटर संचालित करती है। कंपनी ने जिम, ग्रुप वर्कआउट, योग, पर्सनल ट्रेनिंग, हेल्थ प्रोग्राम और डिजिटल फिटनेस सेवाओं के जरिए देशभर में मजबूत पहचान बनाई है।
कंपनी की वैल्यूएशन कितनी है?
वर्ष 2021 में फंडिंग राउंड के दौरान Cult.fit की वैल्यूएशन लगभग 1.5 अरब डॉलर (करीब 14,000 करोड़ रुपये) आंकी गई थी। इसके बाद भी कंपनी को निवेश मिलता रहा। इसी वर्ष मार्च में Temasek ने कंपनी में लगभग 440 करोड़ रुपये का नया निवेश किया। हालांकि यह निवेश लगभग समान वैल्यूएशन पर हुआ।
राजस्व में 40% की शानदार बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2026 Cult.fit के लिए कमाई के लिहाज से काफी अच्छा रहा।
- FY26 Revenue: ₹1,721 करोड़
- FY25 Revenue: ₹1,216 करोड़
यानी कंपनी के ऑपरेटिंग रेवेन्यू में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि अभी भी कंपनी मुनाफे में नहीं पहुंच सकी है।
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घाटा लगातार घट रहा है
हालांकि कंपनी अभी नुकसान में है लेकिन हर साल उसका घाटा कम हो रहा है।
- FY24 घाटा: ₹888 करोड़
- FY25 घाटा: ₹481 करोड़
- FY26 घाटा: ₹252 करोड़
यानी तीन वर्षों में कंपनी ने अपने घाटे को काफी हद तक कम कर लिया है। इससे संकेत मिलता है कि उसका बिजनेस मॉडल धीरे-धीरे लाभप्रदता की ओर बढ़ रहा है।
कहां से होती है सबसे ज्यादा कमाई?
Cult.fit की कुल आय का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा फिटनेस सब्सक्रिप्शन, जिम सदस्यता, ग्रुप एक्सरसाइज और वर्कआउट सेवाओं से आता है। बाकी 30 प्रतिशत आय फिटनेस प्रोडक्ट्स, हेल्थ आइटम्स और अन्य ट्रांजैक्शन आधारित सेवाओं से प्राप्त होती है। यानी कंपनी का मुख्य फोकस अभी भी फिटनेस सेवाओं पर ही बना हुआ है।
भारत के फिटनेस सेक्टर के लिए क्यों खास है यह IPO?
विशेषज्ञों का मानना है कि Cult.fit का आईपीओ भारत के संगठित फिटनेस उद्योग के लिए एक नया अध्याय साबित हो सकता है। हालांकि इससे पहले Talwalkars Better Value Fitness शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय फिटनेस कंपनी थी, लेकिन भारी कर्ज, वित्तीय संकट, ऑडिटर के इस्तीफे और परिचालन संबंधी समस्याओं के कारण कंपनी का कारोबार प्रभावित हुआ। आखिरकार वर्ष 2021 में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने कंपनी के खिलाफ दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दे दी। ऐसे में अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या Cult.fit भारतीय फिटनेस उद्योग में एक सफल सूचीबद्ध कंपनी बनकर उभरती है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है यह IPO?
Cult.fit का आईपीओ ऐसे समय में आ रहा है जब भारत में हेल्थ और फिटनेस सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। लोगों में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ने, डिजिटल हेल्थ सेवाओं के विस्तार और जिम संस्कृति के तेजी से फैलने से इस उद्योग में भविष्य की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं। हालांकि निवेशकों के लिए यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी अभी भी घाटे में है। ऐसे में आईपीओ में निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, भविष्य की रणनीति और जोखिम कारकों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना जरूरी होगा। यदि कंपनी आने वाले वर्षों में मुनाफे की राह पर आगे बढ़ती है तो यह भारतीय फिटनेस उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।
