Share Market Today: सेंसेक्स 455 अंक फिसला, निफ्टी भी कमजोर होकर 24,570 पर बंद
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Share Market Today: बाजार में हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को गिरावट देखने को मिली। ग्लोबल संकेतों और कुछ प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली के चलते बाजार दबाव में रहा। कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 455 अंक की गिरावट के साथ 78,499 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 65 अंक टूटकर 24,570 के स्तर पर आ गया। हालांकि बाजार में गिरावट ज्यादा बड़ी नहीं रही क्योंकि ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में खरीदारी ने नुकसान को सीमित करने का काम किया।
बैंकिंग शेयरों में रही सबसे ज्यादा कमजोरी
शुक्रवार के कारोबार में बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। निवेशकों ने बैंकिंग स्टॉक्स में मुनाफावसूली की, जिससे बाजार की चाल कमजोर हुई। बैंकिंग शेयरों में आई गिरावट का असर प्रमुख इंडेक्स पर भी पड़ा। वहीं दूसरी तरफ ऑटो कंपनियों के शेयरों में तेजी रही। आईटी सेक्टर में भी निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिली और कई बड़े शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
घरेलू निवेशकों का बाजार को सहारा
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी जारी है। पिछले 7 कारोबारी दिनों में घरेलू निवेशकों ने करीब 7,532 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं। अगर पिछले 30 दिनों की बात करें तो DII की कुल खरीदारी करीब 35,443 करोड़ रुपए रही है। घरेलू निवेशकों की यह खरीदारी बाजार में गिरावट को संभालने में अहम भूमिका निभा रही है।
विदेशी निवेशकों का रुख बदला
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) की गतिविधियों में भी सुधार देखने को मिल रहा है। पिछले 7 दिनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में करीब 2,408 करोड़ रुपए की खरीदारी की है। हालांकि 30 दिनों के आंकड़ों में विदेशी निवेशकों की कुल बिकवाली करीब 5,874 करोड़ रुपए रही है। बाजार की आगे की दिशा में विदेशी निवेशकों की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है।
एशियाई बाजारों में भी दबाव
भारतीय बाजार के साथ एशिया के कई प्रमुख बाजारों में भी कमजोरी रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 0.60% नीचे बंद हुआ। जापान के निक्केई इंडेक्स में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुआ और इसमें करीब 0.54% की बढ़त रही।
इन संकेतों पर रहेगी आगे Share Market की नजर
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर ग्लोबल बाजारों की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के प्रदर्शन पर रहेगी। बैंकिंग शेयरों में दबाव के बावजूद ऑटो और आईटी सेक्टर की मजबूती ने बाजार को बड़ी गिरावट से बचाया। अब बाजार की अगली दिशा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर निर्भर करेगी।
