Corporate NPS: EPF के साथ रिटायरमेंट के लिए बना सकते हैं अतिरिक्त फंड, जानिए कैसे काम करता है यह स्कीम
EPF
रिटायरमेंट की प्लानिंग अब सिर्फ नौकरी खत्म होने के बाद पेंशन पाने तक सीमित नहीं रह गई है। बढ़ती महंगाई और रिटायरमेंट के बाद लंबे समय तक नियमित आय की जरूरत को देखते हुए नौकरी के दौरान ही पर्याप्त रिटायरमेंट फंड तैयार करना जरूरी हो गया है। ऐसे में Corporate NPS (National Pension System) कर्मचारियों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प बनकर सामने आया है। Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) के Whole Time Member (Law) Randip Singh Jagpal ने भी Corporate NPS को कर्मचारियों के रिटायरमेंट बेनिफिट्स को मजबूत करने वाला विकल्प बताया है। उनके मुताबिक Corporate NPS को EPF के विकल्प के तौर पर देखने के बजाय इसके साथ अतिरिक्त रिटायरमेंट फंड तैयार करने के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
Corporate NPS में तेजी से बढ़ रही भागीदारी
अगस्त 2026 में सामने आई जानकारी के मुताबिक जुलाई 2026 तक Corporate NPS से करीब 27,000 कंपनियां और संस्थान जुड़े हुए थे। वहीं इस योजना के तहत लगभग 28.3 लाख कर्मचारी जुड़े थे और Assets Under Management (AUM) करीब 3 लाख करोड़ रुपए था। इससे पता चलता है कि कंपनियों के स्तर पर भी रिटायरमेंट प्लानिंग को लेकर NPS की स्वीकार्यता बढ़ रही है।
EPF की जगह नहीं, उसके साथ अतिरिक्त विकल्प
Corporate NPS को लेकर PFRDA की ओर से यह बात खास तौर पर कही गई है कि इसे EPF को खत्म करने के विकल्प के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। EPF नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट सेविंग का आधार तैयार करता है, जबकि Corporate NPS के जरिए कर्मचारी और कंपनी इस आधार के ऊपर अतिरिक्त रिटायरमेंट कॉर्पस बना सकते हैं। खासकर ऐसे कर्मचारियों के लिए यह विकल्प उपयोगी हो सकता है जिनकी सैलरी EPF की वैधानिक सीमा से काफी ज्यादा है और जो रिटायरमेंट के लिए अतिरिक्त निवेश करना चाहते हैं।
Corporate NPS क्या है?
Corporate NPS, National Pension System का ऐसा स्वरूप है जिसमें कोई कंपनी या संस्थान अपने कर्मचारियों को NPS से जोड़ सकता है। इसमें कर्मचारी, नियोक्ता या दोनों की ओर से योगदान किया जा सकता है। कंपनी अपनी compensation structure के अनुसार NPS को कर्मचारी के रिटायरमेंट बेनिफिट पैकेज का हिस्सा बना सकती है। इसमें निवेश और पेंशन से जुड़ी व्यवस्था NPS के निर्धारित सिस्टम के तहत संचालित होती है। इसका एक बड़ा फायदा यह है कि कर्मचारी को नौकरी बदलने पर अपना NPS अकाउंट बंद करने की जरूरत नहीं पड़ती।
नौकरी बदलने पर भी जारी रहता है NPS अकाउंट
Corporate NPS की सबसे महत्वपूर्ण खूबियों में से एक इसकी portability है। कर्मचारी को NPS से जुड़ने के बाद एक Permanent Retirement Account Number यानी PRAN मिलता है। यह अकाउंट नौकरी या शहर बदलने के बाद भी जारी रखा जा सकता है। यानी कर्मचारी के करियर में बदलाव होने पर रिटायरमेंट के लिए जमा की गई रकम का सिस्टम बना रहता है।
कौन ले सकता है Corporate NPS का फायदा?
Corporate NPS में वही कर्मचारी शामिल हो सकते हैं जिनकी कंपनी या संस्था ने इस स्कीम को अपनाया हुआ है। इसके लिए भारतीय नागरिक, NRI और OCI पात्र हो सकते हैं। सामान्य तौर पर इसमें 18 से 85 वर्ष की आयु के लोग शामिल हो सकते हैं और रजिस्ट्रेशन नियोक्ता के माध्यम से किया जाता है। Corporate NPS को कंपनियों के अलावा कई अन्य पात्र संस्थाएं भी अपने कर्मचारियों या सदस्यों के लिए अपना सकती हैं।
NPS में निवेश के दो प्रमुख विकल्प
Corporate NPS में निवेश करते समय सब्सक्राइबर को broadly दो तरह के विकल्प मिलते हैं।
Active Choice: इस विकल्प में निवेशक खुद तय कर सकता है कि उसके निवेश का कितना हिस्सा Equity, Corporate Bonds और Government Securities में रखा जाए। हालांकि इसके लिए NPS के निर्धारित नियम और निवेश सीमा लागू होती है।
Auto Choice: इसमें निवेश का asset allocation उम्र के हिसाब से अपने आप बदलता रहता है। आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ इक्विटी में निवेश का हिस्सा कम और अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्पों में निवेश का हिस्सा बढ़ाया जाता है।
Corporate NPS के टैक्स फायदे
Corporate NPS का एक बड़ा आकर्षण इसके टैक्स बेनिफिट्स भी हैं। कर्मचारी अपने स्वयं के NPS योगदान पर लागू नियमों के अनुसार Section 80CCD(1) और 80CCD(1B) के तहत टैक्स deduction का लाभ ले सकते हैं। वहीं employer contribution के लिए Section 80CCD(2) के तहत भी टैक्स लाभ का प्रावधान है। पुराने टैक्स रिजीम में employer contribution की deduction salary के 10% तक और नए टैक्स रिजीम में 14% तक हो सकती है, लागू नियमों और salary definition के अधीन। कंपनी के लिए भी कर्मचारी के NPS में employer contribution एक tax-efficient compensation tool हो सकता है।
रिटायरमेंट प्लानिंग में कैसे मदद करता है?
Corporate NPS का सबसे बड़ा उद्देश्य नौकरी के दौरान धीरे-धीरे रिटायरमेंट कॉर्पस तैयार करना है। इसमें निवेश लंबे समय तक जारी रहने से कर्मचारी को retirement के लिए अलग फंड बनाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा NPS में निवेश का प्रबंधन निर्धारित pension fund managers के जरिए होता है। इससे कर्मचारी को खुद हर निवेश का प्रबंधन करने की जरूरत नहीं पड़ती।
Employer को क्या करना चाहिए?
PFRDA के अनुसार कंपनियां अपने कर्मचारियों के रिटायरमेंट बेनिफिट्स की समीक्षा कर सकती हैं और Corporate NPS को compensation structure का हिस्सा बना सकती हैं। सिर्फ स्कीम शुरू करना ही पर्याप्त नहीं है। कर्मचारियों को NPS के टैक्स लाभ, निवेश विकल्प, रिटायरमेंट कॉर्पस और इसके काम करने के तरीके की आसान भाषा में जानकारी देना भी जरूरी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए NPS onboarding को भी आसान बनाया जा रहा है जिससे कर्मचारियों के लिए अकाउंट खोलना और इससे जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी करना आसान हो सके।
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किन कर्मचारियों के लिए उपयोगी हो सकता है?
अगर कोई कर्मचारी पहले से EPF में योगदान कर रहा है और रिटायरमेंट के लिए उससे अलग अतिरिक्त कॉर्पस बनाना चाहता है, तो Corporate NPS उसके लिए एक विकल्प हो सकता है। हालांकि NPS एक market-linked retirement investment product है, इसलिए इसमें मिलने वाला रिटर्न निश्चित नहीं होता। निवेश करने से पहले अपने टैक्स रिजीम, कंपनी की contribution policy, निवेश अवधि और रिटायरमेंट लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है। EPF रिटायरमेंट सेविंग का आधार तैयार कर सकता है, जबकि Corporate NPS उसके ऊपर अतिरिक्त पेंशन और रिटायरमेंट कॉर्पस बनाने का माध्यम बन सकता है।
