Dhoot Transmission IPO: ₹3,067 करोड़ का IPO खुला, GMP में 30% लिस्टिंग गेन के संकेत; जानें पैसा लगाएं या नहीं
Dhoot Transmission
ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की कंपनी Dhoot Transmission का Initial Public Offering यानी IPO सोमवार, 10 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए कुल ₹3,066.89 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। Dhoot Transmission IPO में निवेशक 12 अगस्त तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी के शेयरों की NSE और BSE पर लिस्टिंग 17 अगस्त को होने की उम्मीद है। IPO का प्राइस बैंड ₹829 से ₹871 प्रति शेयर तय किया गया है। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशकों को एक लॉट के लिए कम से कम ₹14,807 लगाने होंगे। इस IPO में एक लॉट में 17 शेयर शामिल हैं।
Dhoot Transmission IPO में फ्रेश इश्यू और OFS दोनों
Dhoot Transmission IPO में फ्रेश इश्यू के साथ Offer for Sale यानी OFS भी शामिल है। कंपनी ₹1,400 करोड़ के फ्रेश शेयर जारी करेगी, जबकि ₹1,666.89 करोड़ के शेयर OFS के जरिए बेचे जाएंगे। IPO खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से भी अच्छी रकम जुटाई है। कंपनी के मुताबिक 72 एंकर निवेशकों से करीब ₹918.27 करोड़ जुटाए गए हैं। इस इश्यू के लिए Axis Capital को Book Running Lead Manager बनाया गया है, जबकि Kfin Technologies IPO का Registrar है।
IPO से मिलने वाले पैसों का कहां होगा इस्तेमाल?
Dhoot Transmission फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से कर्ज कम करने और कारोबार के विस्तार में करेगी। कंपनी करीब ₹464.80 करोड़ का इस्तेमाल अपने कर्ज के repayment या prepayment के लिए करेगी। इसके अलावा करीब ₹301.77 करोड़ अपनी subsidiaries में निवेश किए जाएंगे, जिससे उनकी देनदारियों को कम किया जा सके। कंपनी हरियाणा के Jhajjar और तमिलनाडु के Hosur में नई wiring harness manufacturing facilities लगाने की भी योजना बना रही है। इसके लिए करीब ₹150 करोड़ खर्च किए जाएंगे। बची हुई रकम acquisitions और general corporate purposes के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
Dhoot Transmission क्या काम करती है?
Dhoot Transmission ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशंस के लिए कई तरह के इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट बनाती है। कंपनी के प्रमुख उत्पादों में wiring harnesses, battery packs, sensors, electronic controllers, switches और electrical distribution systems शामिल हैं। कंपनी की मौजूदगी खास तौर पर ऑटोमोबाइल इलेक्ट्रिफिकेशन से जुड़े कारोबार में मजबूत है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, FY26 में भारत के 2-Wheeler और 3-Wheeler wiring harness segment में Dhoot Transmission की हिस्सेदारी करीब 41% थी। Electric 2-Wheeler और 3-Wheeler segment में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 70% बताई गई है। कंपनी के करीब 95% automotive products EV-focused या powertrain-neutral हैं।
Dhoot Transmission IPO GMP: 30% लिस्टिंग गेन का संकेत
Dhoot Transmission IPO को लेकर ग्रे मार्केट में भी हलचल देखने को मिल रही है। IPO खुलने से पहले कंपनी के शेयर का GMP यानी Grey Market Premium करीब ₹259 बताया जा रहा है। अगर ₹259 के GMP को IPO के अपर प्राइस बैंड ₹871 में जोड़ें तो अनुमानित कीमत करीब ₹1,130 बनती है। इस हिसाब से मौजूदा GMP करीब 30% के संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। हालांकि निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि GMP आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। यह ग्रे मार्केट की गतिविधियों पर आधारित एक अनऑफिशियल संकेतक है और IPO की लिस्टिंग तक इसमें बड़ा बदलाव हो सकता है। इसलिए GMP को निश्चित मुनाफे या लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं माना जा सकता।
SBI Securities की IPO पर राय
SBI Securities ने Dhoot Transmission की market leadership, diversified product portfolio और EV-focused business को कंपनी के प्रमुख मजबूत पक्षों में शामिल किया है। ब्रोकरेज के अनुसार वाहनों में बढ़ते electronic content, electrification, premiumisation और safety regulations जैसे ट्रेंड कंपनी के कारोबार के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। इसके अलावा लंबे समय से OEMs के साथ कंपनी के संबंध और 2-Wheeler तथा 3-Wheeler wiring harness segment में मजबूत स्थिति भी सकारात्मक पहलू हैं। हालांकि उपलब्ध रिपोर्ट में SBI Securities की ओर से स्पष्ट Subscribe rating नहीं दी गई है। ब्रोकरेज ने कंपनी को आने वाले वर्षों में ऑटोमोटिव सेक्टर के प्रमुख लाभार्थियों में से एक बताया है।
Equivision ने valuation को लेकर क्या कहा?
Equivision की रिपोर्ट में कंपनी की growth prospects को मजबूत बताया गया है, लेकिन IPO valuation को लेकर सावधानी बरतने की बात कही गई है। अपर प्राइस बैंड ₹871 के आधार पर Dhoot Transmission करीब 44.89 गुना post-issue P/E और 5.82 गुना P/B पर valued है। इसका मतलब है कि कंपनी का IPO कम valuation पर उपलब्ध नहीं है। हालांकि करीब 41% wiring harness market share, electric 2-Wheeler और 3-Wheeler segment में लगभग 70% हिस्सेदारी और EV-focused product portfolio को देखते हुए Equivision ने कंपनी के लिए long-term growth opportunity को मजबूत माना है।
SMIFS ने दी Subscribe की राय
SMIFS ने Dhoot Transmission IPO पर **Subscribe** की राय दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी की niche market leadership, मजबूत OEM relationships और backward integration इसके कारोबार के प्रमुख मजबूत पक्ष हैं। SMIFS ने automotive wiring harness market में आने वाले वर्षों में 12-14% के अनुमानित CAGR का भी उल्लेख किया है। इसके अलावा IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज घटाने में होने से कंपनी की balance sheet मजबूत होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज के अनुसार medium to long-term investment horizon रखने वाले निवेशकों के लिए यह IPO एक अवसर हो सकता है।
Sushil Finance ने भी दिया Subscribe
Sushil Finance ने भी Dhoot Transmission IPO को **Subscribe** रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि 2-Wheeler और 3-Wheeler wiring harness segment में कंपनी की मजबूत स्थिति और EV बाजार में बढ़ती मांग इसके कारोबार को आगे बढ़ा सकती है। कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन भी इस नजरिए को सपोर्ट करता है। FY26 में Dhoot Transmission का revenue करीब 31.4% बढ़कर ₹4,563.70 करोड़ रहा। इस दौरान कंपनी का Profit After Tax यानी PAT करीब ₹397 करोड़ रहा। Sushil Finance के अनुसार EV और powertrain-neutral products पर कंपनी का फोकस इसे लंबे समय में बढ़ते electrification trend का फायदा उठाने की स्थिति में रखता है।
Dhoot Transmission IPO में पैसा लगाएं या नहीं?
Dhoot Transmission IPO में निवेश को लेकर तस्वीर दो हिस्सों में देखी जा सकती है। एक तरफ कंपनी के पास 2-Wheeler और 3-Wheeler wiring harness segment में मजबूत market position है। EV segment में इसकी मौजूदगी, बड़े OEMs के साथ संबंध और नए manufacturing facilities की योजना भविष्य के कारोबार के लिए सकारात्मक हो सकती है। दूसरी तरफ IPO valuation को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। Equivision के आंकड़ों के अनुसार अपर प्राइस बैंड पर कंपनी करीब 44.89 गुना P/E पर valued है। इसलिए निवेशकों को सिर्फ GMP में दिख रहे संभावित लिस्टिंग गेन को देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। Medium to long-term नजरिया रखने वाले निवेशकों के लिए कुछ ब्रोकरेज ने IPO पर सकारात्मक राय दी है, जबकि valuation को ध्यान में रखते हुए निवेश से पहले कंपनी के financials और risk factors को समझना जरूरी है।
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Dhoot Transmission IPO की जरूरी जानकारी
Dhoot Transmission IPO का प्राइस बैंड ₹829 से ₹871 प्रति शेयर है। IPO में एक लॉट 17 शेयरों का है और अपर प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक को एक लॉट के लिए ₹14,807 की जरूरत होगी। इश्यू 10 अगस्त से 12 अगस्त तक खुला रहेगा और शेयरों की लिस्टिंग 17 अगस्त को NSE और BSE पर होने की उम्मीद है। कंपनी IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज कम करने, subsidiaries में निवेश, नई manufacturing facilities स्थापित करने और acquisitions समेत अन्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए करेगी।
