Q1 रिजल्ट से पहले Citi की FMCG रणनीति: Tata Consumer और Britannia खरीदने की सलाह, ITC और United Breweries पर सतर्क रहने को कहा
FMCG
पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजों से पहले ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Citi ने भारतीय FMCG सेक्टर को लेकर अपनी नई निवेश रणनीति जारी की है। ब्रोकरेज का मानना है कि लगातार कीमतें बढ़ाने के बावजूद FMCG कंपनियों का प्रदर्शन मजबूत बना रहेगा। हालांकि, इस समय कंपनी ने Food & Beverages सेगमेंट को Home & Personal Care के मुकाबले बेहतर निवेश विकल्प बताया है। Citi के अनुसार खाद्य और पेय पदार्थों से जुड़ी कंपनियों में मांग मजबूत बनी हुई है और आने वाले समय में इनके मुनाफे में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
इन FMCG शेयरों पर Citi की सबसे बड़ी पसंद
ब्रोकरेज ने निवेशकों के लिए तीन प्रमुख शेयरों को अपनी टॉप पिक बताया है।
- Tata Consumer Products – Buy
- Britannia Industries – Buy
- Godrej Consumer Products – Buy
वहीं दूसरी ओर Citi ने कुछ कंपनियों के शेयरों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
- ITC – Sell / Cautious
- United Breweries – Sell / Cautious
- Colgate-Palmolive (India) – Cautious
किन कंपनियों से कितनी उम्मीद?
Tata Consumer Products
Citi का अनुमान है कि जून तिमाही में कंपनी की कंसोलिडेटेड आय करीब 12% बढ़ सकती है। हालांकि भीषण गर्मी की वजह से घरेलू चाय कारोबार की बिक्री पर कुछ असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
Britannia Industries
ब्रोकरेज को उम्मीद है कि Britannia की बिक्री में सुधार जारी रहेगा। कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 8% और EBITDA ग्रोथ 9% रहने का अनुमान है।
Godrej Consumer Products
Godrej Consumer के लिए Citi काफी सकारात्मक है। कंपनी की 12% राजस्व वृद्धि और 14% EBITDA ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है। इसकी प्रमुख वजह भारत में कंपनी की ‘Speedboats’ रणनीति और मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ मानी जा रही है।
Hindustan Unilever (HUL)
Citi के मुताबिक HUL की करीब 10% रेवेन्यू ग्रोथ संभव है। हालांकि कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन फिलहाल अपनी गाइडेंस के निचले स्तर के आसपास रह सकता है।
Varun Beverages
ब्रोकरेज का अनुमान है कि Varun Beverages एक और मजबूत तिमाही दर्ज कर सकती है। कंपनी की 25% रेवेन्यू ग्रोथ और 17% वॉल्यूम ग्रोथ रहने की उम्मीद जताई गई है।
Marico
Marico के लिए भी Citi का रुख सकारात्मक है। कंपनी में 10% वॉल्यूम ग्रोथ, 21% रेवेन्यू ग्रोथ और 22% EBITDA ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है।
कीमतें बढ़ीं, फिर भी मांग बनी मजबूत
Citi का कहना है कि FMCG कंपनियों ने हाल के महीनों में 2% से 5% तक कीमतें बढ़ाई हैं, लेकिन इसके बावजूद उपभोक्ता मांग पर बड़ा असर नहीं पड़ा। अब कई प्रमुख कमोडिटी की कीमतों में नरमी आने लगी है जिससे कंपनियों पर लागत का दबाव कम होगा। ब्रोकरेज का मानना है कि यदि कच्चे माल की कीमतें इसी तरह नियंत्रित रहती हैं तो आगे और कीमतें बढ़ाने की जरूरत कम होगी। इससे वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में बिक्री और मुनाफा दोनों को सहारा मिल सकता है।
इन बातों पर रहेगी निवेशकों की नजर
Citi ने कहा है कि आने वाले नतीजों के दौरान निवेशकों को कंपनियों की मैनेजमेंट कमेंट्री पर विशेष ध्यान देना चाहिए। खासकर इन मुद्दों पर-
- एल-नीनो (El Niño) का असर
- ग्रामीण क्षेत्रों में मांग की स्थिति
- FMCG कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा
- कच्चे माल की लागत में बदलाव
ब्रोकरेज का मानना है कि अगर कमोडिटी की कीमतें नियंत्रित रहीं और ग्रामीण मांग में सुधार जारी रहा तो FMCG सेक्टर आने वाले महीनों में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
