PMJDY: प्रधानमंत्री जनधन योजना के 12 साल पूरे, 59 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते; जमा राशि ₹3.17 लाख करोड़ पहुंची
PMJDY
देश में बैंकिंग सुविधाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री जनधन योजना ने 12 साल पूरे कर लिए हैं। इस दौरान योजना ने भारत के वित्तीय ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री जनधन योजना यानी PMJDY के तहत अब तक 59 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं और इन खातों में जमा राशि बढ़कर ₹3.17 लाख करोड़ तक पहुंच गई है।
प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरुआत 28 अगस्त 2014 को की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना था, जिनके पास पहले बैंक खाता नहीं था। खासतौर पर ग्रामीण, आर्थिक रूप से कमजोर और बैंकिंग सुविधाओं से दूर रहने वाले लोगों को इसका बड़ा लाभ मिला।
ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में PMJDY के सबसे ज्यादा खाते
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जनधन योजना के तहत खुले कुल खातों में करीब 78 प्रतिशत खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं। यह बताता है कि योजना बैंकिंग सुविधाओं को छोटे शहरों और गांवों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हुई है।
महिलाओं की भागीदारी भी योजना में काफी बड़ी रही है। कुल जनधन खातों में लगभग 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के नाम पर हैं। इससे बड़ी संख्या में महिलाओं को सीधे बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़ने का मौका मिला है।
प्रति खाते औसत जमा ₹5,356 पहुंचा
19 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, जनधन खातों में प्रति खाते औसत जमा राशि ₹5,356 हो गई है। पिछले 12 वर्षों में प्रति खाते औसत जमा में करीब 3.4 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सरकार के अनुसार खातों में बढ़ती जमा राशि यह भी दिखाती है कि लोग अब इन बैंक खातों का सिर्फ खाता खोलने के लिए नहीं, बल्कि नियमित बचत और वित्तीय लेनदेन के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
सिर्फ बैंक खाता नहीं, कई वित्तीय सुविधाओं का रास्ता
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत पात्र व्यक्ति बिना किसी न्यूनतम बैलेंस की शर्त के बेसिक बैंक खाता खोल सकता है। इन खातों पर सामान्य तौर पर कोई मेंटेनेंस चार्ज भी नहीं लिया जाता।
योजना के तहत खाताधारकों को RuPay डेबिट कार्ड की सुविधा दी जाती है। पात्र खाताधारकों को मिलने वाले RuPay कार्ड के साथ दुर्घटना बीमा कवर जैसी सुविधाएं भी जुड़ी हैं।
अब तक जनधन खाताधारकों को 41.29 करोड़ RuPay कार्ड जारी किए जा चुके हैं। समय के साथ इन कार्डों का इस्तेमाल भी बढ़ा है।
जरूरत के समय ₹10,000 तक ओवरड्राफ्ट की सुविधा
जनधन योजना से जुड़े पात्र खाताधारकों को आपात स्थिति में ₹10,000 तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा भी मिल सकती है। इसका उद्देश्य जरूरत के समय लोगों को छोटी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
सरकार का मानना है कि नियमित बैंकिंग रिकॉर्ड और बचत की आदत विकसित होने से खाताधारकों के लिए आगे अन्य वित्तीय सुविधाओं तक पहुंच आसान होती है। इसमें पात्रता के आधार पर MUDRA Loan जैसी योजनाओं के जरिए ऋण लेने के अवसर भी शामिल हो सकते हैं।
JAM Trinity ने बदली सरकारी मदद पहुंचाने की व्यवस्था
प्रधानमंत्री जनधन योजना भारत की JAM Trinity—Jan Dhan, Aadhaar और Mobile व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जनधन खाते, आधार और मोबाइल को जोड़कर सरकार को विभिन्न योजनाओं की आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने में मदद मिली है। इससे बीच के लोगों की भूमिका कम हुई और लाभार्थियों तक राशि पहुंचाने की प्रक्रिया अधिक सीधी और तेज हुई।
सरकारी सब्सिडी और अन्य आर्थिक सहायता को सीधे बैंक खातों में भेजने वाली Direct Benefit Transfer (DBT) व्यवस्था को भी जनधन खातों के विस्तार से मजबूती मिली है।
बीमा और पेंशन योजनाओं तक भी पहुंच बढ़ी
जनधन खाते खुलने के बाद बड़ी संख्या में लोगों को बीमा और पेंशन से जुड़ी सरकारी योजनाओं तक पहुंच मिली। विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए बैंक खाते वित्तीय सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बने।
सरकार की जन सुरक्षा योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, का दायरा बढ़ाने में भी बैंक खातों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
वित्तीय समावेशन में बड़ा बदलाव
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के अनुसार प्रधानमंत्री जनधन योजना की सफलता को केवल खुले बैंक खातों की संख्या के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। योजना ने देश के बैंकिंग और वित्तीय ढांचे में व्यापक बदलाव किया है।
जनधन खातों के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर और पहले बैंकिंग सेवाओं से दूर रहे लाखों लोगों को बचत, बीमा, पेंशन और अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़ने का अवसर मिला है।
सरकार लगातार राज्यों और जिलों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए अभियान चला रही है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ना और बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच को व्यापक बनाना है।
12 वर्षों में 59 करोड़ से अधिक बैंक खाते और ₹3.17 लाख करोड़ से ज्यादा जमा राशि के साथ प्रधानमंत्री जनधन योजना देश की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन योजनाओं में शामिल हो चुकी है। आने वाले समय में योजना की भूमिका डिजिटल बैंकिंग, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, बीमा और पेंशन सुविधाओं के विस्तार में और महत्वपूर्ण हो सकती है।
