October 31, 2026

₹5,000 की SIP से 20 साल में Direct Mutual Fund से मिल सकते हैं ₹6 लाख ज्यादा, 1 नवंबर से SEBI का नया नियम

Mutual Fund

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म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए 1 नवंबर से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) डिजिटल प्लेटफॉर्म पर Direct Mutual Fund Plan को डिफॉल्ट विकल्प बनाने जा रहा है। इस बदलाव के बाद निवेशकों का ध्यान Direct और Regular Mutual Fund Plan के बीच लागत और रिटर्न के अंतर पर बढ़ सकता है। कम खर्च के कारण Direct Plan में लंबे समय तक निवेश करने पर अच्छा खासा अंतर देखने को मिल सकता है।

इस अंतर को ₹5,000 की मासिक SIP के उदाहरण से समझा जा सकता है। यदि कोई निवेशक लगातार 20 साल तक हर महीने ₹5,000 निवेश करता है, तो उसका कुल निवेश ₹12 लाख होगा। उदाहरण के तौर पर Direct Plan में सालाना 12% और Regular Plan में 11% रिटर्न मिलने पर दोनों के अंतिम फंड में करीब ₹6 लाख का अंतर हो सकता है।

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Direct और Regular Mutual Fund Plan में क्या अंतर है?

Direct और Regular दोनों प्लान एक ही म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करते हैं और उनका प्रबंधन भी एक ही फंड मैनेजर करता है। दोनों के बीच मुख्य अंतर निवेश की लागत यानी एक्सपेंस रेशियो का होता है।

Direct Plan में निवेशक बिना किसी डिस्ट्रीब्यूटर या एजेंट के सीधे म्यूचुअल फंड में निवेश करता है। इस वजह से इसमें आमतौर पर एक्सपेंस रेशियो कम होता है। वहीं Regular Plan में निवेशक डिस्ट्रीब्यूटर या बिचौलिए के माध्यम से निवेश करता है। इस प्लान में डिस्ट्रीब्यूटर का कमीशन फंड के खर्च में शामिल होता है।

एक्सपेंस रेशियो का सीधा असर निवेशक के वास्तविक रिटर्न पर पड़ता है। यानी फंड का प्रदर्शन समान होने के बावजूद खर्च अलग होने के कारण Direct और Regular Plan के निवेशकों को मिलने वाला अंतिम रिटर्न अलग हो सकता है।

₹5,000 की SIP पर 20 साल में कितना बनेगा फंड?

मान लीजिए कोई व्यक्ति हर महीने ₹5,000 की SIP करता है और इसे लगातार 20 साल तक जारी रखता है। इस दौरान उसका कुल निवेश ₹12 लाख होगा। अब अगर Direct Plan और Regular Plan के रिटर्न में सालाना 1 प्रतिशत का अंतर मानें, तो अंतिम रकम में बड़ा फर्क आ सकता है।

निवेश का विवरण Direct Plan Regular Plan
मासिक SIP ₹5,000 ₹5,000
निवेश की अवधि 20 साल 20 साल
कुल निवेश ₹12 लाख ₹12 लाख
उदाहरण के लिए सालाना रिटर्न 12% 11%
अनुमानित फंड वैल्यू ₹49.5 लाख ₹43.5 लाख

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इस उदाहरण में Direct Plan के जरिए निवेशक को करीब ₹49.5 लाख मिल सकते हैं जबकि Regular Plan में यह रकम लगभग ₹43.5 लाख होगी। यानी 20 साल में Direct Plan के पक्ष में करीब ₹6 लाख का अंतर बन सकता है।

यह गणना केवल उदाहरण के लिए है। इसमें रिटर्न की दर को स्थिर मानकर अनुमान लगाया गया है। वास्तविक रिटर्न बाजार के प्रदर्शन, संबंधित फंड के एक्सपेंस रेशियो और निवेश की अवधि पर निर्भर करेगा। Direct और Regular Plan के बीच 1 प्रतिशत का अंतर भी हर म्यूचुअल फंड में समान नहीं होता।

क्या Regular Plan पूरी तरह बंद हो जाएंगे?

SEBI के इस बदलाव का मतलब यह नहीं है कि Regular Mutual Fund Plan बंद हो जाएंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर Direct Plan डिफॉल्ट विकल्प होगा लेकिन निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार Regular Plan भी चुन सकेंगे।

Regular Plan उन निवेशकों के लिए उपयोगी हो सकता है जिन्हें फंड चुनने, निवेश की योजना बनाने और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट के लिए डिस्ट्रीब्यूटर या सलाहकार की मदद चाहिए। वहीं, जो निवेशक खुद रिसर्च करके निवेश का फैसला ले सकते हैं, वे Direct Plan पर विचार कर सकते हैं।

Direct Plan में निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान

कम एक्सपेंस रेशियो Direct Plan का एक बड़ा फायदा है लेकिन केवल कम लागत देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। निवेशक को अपनी वित्तीय जरूरतों, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश के लक्ष्य को भी ध्यान में रखना चाहिए।

इसके अलावा यदि कोई निवेशक पहले से Regular Plan में निवेश कर रहा है और Direct Plan में स्विच करना चाहता है, तो उसे जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। स्विच करने पर लागू एग्जिट लोड और कैपिटल गेन टैक्स की देनदारी पर भी विचार करना जरूरी है।