Share Market Today: सेंसेक्स 327 अंक टूटा, निफ्टी 24,100 के नीचे; Shiprocket ने लिस्टिंग पर दिया 35% रिटर्न
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Share Market Today: घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे सत्र में कमजोरी दिखाई दी। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 326.54 अंक फिसलकर 76,910.38 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 77.25 अंक गिरकर 24,078.20 के स्तर पर पहुंच गया। दिनभर के कारोबार में FMCG, मीडिया और एनर्जी सेक्टर के शेयर सबसे ज्यादा दबाव में रहे।
विश्लेषकों के अनुसार ग्लोबल बाजारों की कमजोरी और सेक्टर आधारित बिकवाली के चलते निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया जिससे प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।
Shiprocket की दमदार एंट्री, निवेशकों को पहले दिन ही 35% फायदा
आज बाजार में सबसे बड़ी चर्चा Shiprocket Limited की शानदार लिस्टिंग रही। कंपनी का शेयर ₹97 के IPO प्राइस के मुकाबले लगभग 35% प्रीमियम के साथ बाजार में उतरा। NSE पर शेयर ₹131 पर सूचीबद्ध हुआ जबकि BSE पर इसकी शुरुआत ₹129.50 से हुई। यानी जिन निवेशकों को IPO में शेयर आवंटित हुए, उन्हें पहले ही दिन उल्लेखनीय लिस्टिंग गेन मिला।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला असर
ग्लोबल संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 5.8% टूट गया जबकि जापान का निक्केई 3% से अधिक फिसला। इसके विपरीत हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग हल्की बढ़त के साथ कारोबार करता रहा। एशियाई बाजारों की इस मिलाजुला तस्वीर ने घरेलू निवेशकों का भरोसा कमजोर रखा।
विदेशी निवेशकों की चाल पर Share Market की नजर
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FII) ने हाल के दिनों में सतर्क रुख बनाए रखा है। पिछले सात कारोबारी सत्रों में उन्होंने कुल 886 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की है। हालांकि बीते 30 दिनों में विदेशी निवेशकों का कुल निवेश अब भी सकारात्मक बना हुआ है। दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को सहारा दिया। पिछले सात दिनों में उन्होंने 12,390 करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी की है जबकि पिछले एक महीने में यह आंकड़ा 37,447 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
FMCG, मीडिया सेक्टर में गिरावट
बुधवार के कारोबार में FMCG, मीडिया और एनर्जी कंपनियों के शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली देखने को मिली। वहीं कुछ चुनिंदा ऑटो और फार्मा शेयरों ने गिरावट को सीमित करने की कोशिश की लेकिन व्यापक बाजार का रुझान कमजोर ही बना रहा।
अगले सत्र पर नजर
अब निवेशकों की नजर ग्लोबल बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। साथ ही हाल ही में सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में आने वाली चाल भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
