SpiceJet को बड़ा झटका! हज से लौट रहे बुजुर्ग दंपती को बोर्डिंग से रोका, अब टिकट रिफंड के साथ ₹52 हजार मुआवजा देने का आदेश
Spicejet
श्रीनगर के उपभोक्ता आयोग ने एयरलाइन कंपनी SpiceJet को हज यात्रा से लौट रहे एक बुजुर्ग दंपती को टिकट का पूरा किराया लौटाने और ₹52,000 का मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने माना कि एयरलाइन की लापरवाही के कारण यात्रियों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी। आयोग ने 9 जून 2026 को दिए अपने आदेश में एयरलाइन को ₹10,078 का टिकट किराया वापस करने और ₹52,000 मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।
वैध बोर्डिंग पास होने के बावजूद नहीं मिली फ्लाइट में एंट्री
शिकायत के अनुसार, गुलाम नबी फफू और उनकी पत्नी राजा बेगम 8 जुलाई 2024 को हज यात्रा पूरी करने के बाद दिल्ली से श्रीनगर लौट रहे थे। उनके बेटे ने SpiceJet की फ्लाइट बुक की थी, जो शाम 6:45 बजे दिल्ली से रवाना होकर रात 8:20 बजे श्रीनगर पहुंचने वाली थी। दंपती समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचे, चेक-इन कराया, सामान जमा किया और बोर्डिंग पास भी प्राप्त कर लिया। लेकिन बोर्डिंग शुरू होने पर एयरलाइन कर्मचारियों ने उन्हें विमान में चढ़ने की अनुमति नहीं दी। शिकायत के मुताबिक उन्हें इसकी कोई स्पष्ट वजह भी नहीं बताई गई।
दूसरी फ्लाइट से करना पड़ा सफर
दंपती का आरोप है कि उनकी जगह अन्य यात्रियों को विमान में बैठने दिया गया और उनके बोर्डिंग पास भी रद्द कर दिए गए। कई घंटे बाद उनका चेक-इन किया गया सामान वापस मिला। तब तक श्रीनगर जाने वाली दिन की सभी उड़ानें निकल चुकी थीं जिससे उन्हें पूरी रात दिल्ली में रुकना पड़ा। अगले दिन उन्होंने IndiGo की फ्लाइट से ₹13,450 खर्च कर श्रीनगर का सफर पूरा किया।
आयोग ने माना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार
उपभोक्ता आयोग की पीठ ने मामले में दंपती के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि SpiceJet ने न केवल सेवा देने में लापरवाही बरती, बल्कि यात्रियों के साथ अनुचित व्यापार व्यवहार भी किया। आयोग ने माना कि एयरलाइन की वजह से दंपती को मानसिक तनाव, उत्पीड़न और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसी आधार पर टिकट रिफंड के साथ ₹52,000 का मुआवजा देने का आदेश जारी किया गया।
यात्रियों के अधिकारों पर महत्वपूर्ण फैसला
यह फैसला उन यात्रियों के लिए भी अहम माना जा रहा है जिन्हें वैध टिकट और बोर्डिंग पास होने के बावजूद उड़ान में यात्रा करने से रोका जाता है। उपभोक्ता आयोग ने साफ किया कि ऐसी परिस्थितियों में एयरलाइन की जवाबदेही तय होगी और यात्रियों को उचित मुआवजा मिल सकता है।
