CGHS Card: रिटायरमेंट के बाद कैसे बनवाएं कार्ड? जानिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

अगर आप केंद्र सरकार की सेवा से रिटायर हो चुके हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। रिटायर्ड कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को बेहतर और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार Central Government Health Scheme (CGHS) के तहत विशेष स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करती है। इसके लिए पेंशनर्स को CGHS कार्ड बनवाना होता है। कई रिटायर्ड कर्मचारियों को यह जानकारी नहीं होती कि वे घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। साथ ही कार्ड बनवाने के लिए कितनी फीस देनी होगी और किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी। आइए पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में समझते हैं।

कौन ले सकता है CGHS की सुविधा?

CGHS योजना का लाभ उन सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को मिलता है जो सेवा काल के दौरान इस सुविधा के पात्र थे। भले ही उन्होंने नौकरी के दौरान CGHS का उपयोग नहीं किया हो, रिटायरमेंट के बाद वे इस योजना में शामिल हो सकते हैं। पारिवारिक पेंशन पाने वाले मामलों में केवल कर्मचारी के आश्रित परिवार के सदस्य ही इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा जो पेंशनर्स CGHS कवर क्षेत्र के बाहर रहते हैं, वे भी योजना के पात्र होते हैं। ऐसे लोगों के पास Fixed Medical Allowance (FMA) लेने का विकल्प भी मौजूद रहता है, जिसके तहत सरकार हर महीने निश्चित राशि प्रदान करती है।

रिटायरमेंट के बाद कितनी देनी होगी फीस?

यदि किसी कर्मचारी ने रिटायरमेंट के तुरंत बाद CGHS सदस्यता नहीं ली है, तो उसे 30 रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा।जो पेंशनर लाइफटाइम CGHS सुविधा लेना चाहते हैं, उन्हें एकमुश्त 10 वर्ष के योगदान के बराबर राशि जमा करनी होती है। यह भुगतान भारत कोष (Bharat Kosh) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है।

लाइफटाइम CGHS कार्ड के लिए शुल्क

वेतन स्तर के अनुसार लाइफटाइम सदस्यता शुल्क निर्धारित किया गया है।

लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारियों के लिए शुल्क 30,030 रुपये है।

लेवल 6 के कर्मचारियों के लिए यह राशि 54,030 रुपये तय की गई है।

लेवल 7 से 11 तक के कर्मचारियों को 78,030 रुपये जमा करने होंगे।

वहीं लेवल 12 और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए लाइफटाइम सदस्यता शुल्क 1,20,030 रुपये निर्धारित है।

ऑनलाइन कैसे करें आवेदन?

CGHS पेंशनर कार्ड के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध है।

सबसे पहले CGHS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

होमपेज पर मौजूद “Apply for Plastic Card” विकल्प पर क्लिक करें।

इसके बाद अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और कैप्चा भरकर OTP जनरेट करें।

OTP सत्यापित करने के बाद नया पेज खुलेगा, जहां पेंशनर्स और नए कर्मचारियों के लिए आवेदन विकल्प दिखाई देगा।

आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें और फॉर्म सबमिट कर दें।

सबमिट किए गए फॉर्म का प्रिंट निकालकर अपने पास सुरक्षित रखें।

आवेदन के बाद क्या करना होगा?

ऑनलाइन आवेदन पूरा होने के बाद संबंधित CGHS कार्यालय में आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद आपका CGHS कार्ड जारी किया जाएगा।

ये दस्तावेज साथ ले जाना जरूरी

CGHS कार्यालय में आवेदन जमा करते समय ऑनलाइन भरा हुआ आवेदन फॉर्म साथ ले जाएं।

इसके अलावा परिवार के सभी सदस्यों का विवरण वाला फैमिली डिटेल फॉर्म जमा करना होगा, जिसकी कार्यालय द्वारा जांच की जाती है।

PPO (Pension Payment Order) की प्रति भी अनिवार्य है।

भारत कोष में शुल्क जमा करने की रसीद भी साथ लगानी होगी।

निवास प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड या अन्य वैध दस्तावेज देना होगा, ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि आवेदक CGHS कवर क्षेत्र में रहता है या नहीं। इसके अलावा जिन परिवार के सदस्यों का CGHS कार्ड बनवाना है, उनका संयुक्त फोटो भी जमा करना आवश्यक है।

पेंशनर्स के लिए क्यों फायदेमंद है CGHS?

CGHS के माध्यम से पेंशनर्स को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलती है। इसके अलावा दवाइयां, जांच, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और कई अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाती हैं। यही वजह है कि रिटायरमेंट के बाद स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए CGHS कार्ड को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

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