June 18, 2026

Vehicle Scrappage Policy: पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर मिलेगा बड़ा फायदा, नई बस-ट्रक खरीदने पर 8% तक छूट

0
scrap truck

scrap truck

Vehicle Scrappage Policy: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को कम करने और सड़कों पर स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की वाहन स्क्रैपेज नीति को बड़ा समर्थन मिला है।

scrap truck

देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी अशोक लेलैंड और उसकी सहायक कंपनी स्विच मोबिलिटी इस योजना के तहत वाहन मालिकों को विशेष छूट देने वाली पहली कंपनियां बन गई हैं। इस पहल से पुराने कमर्शियल वाहनों को बदलकर नए वाहन खरीदने वाले ट्रांसपोर्टर्स और वाहन मालिकों को लाखों रुपये तक का सीधा लाभ मिल सकता है।

Vehicle Scrappage Policy: अशोक लेलैंड और केंद्र सरकार के बीच हुआ समझौता

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और अशोक लेलैंड के बीच दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पुराने ट्रकों और बसों को बदलने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह देश का पहला ऐसा समझौता है, जिसके तहत वाहन स्क्रैपेज नीति को सीधे तौर पर लागू किया जाएगा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अशोक लेलैंड और स्विच मोबिलिटी इस योजना को लागू करने वाले देश के पहले ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) बन गए हैं। आने वाले समय में अन्य वाहन निर्माता कंपनियों के भी इस अभियान से जुड़ने की संभावना है।

नई गाड़ी खरीदने पर मिलेगा 8% तक डिस्काउंट

इस योजना के तहत जो वाहन मालिक अपनी पुरानी बस या ट्रक को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर में जमा कर नया वाहन खरीदेंगे, उन्हें कंपनियों की ओर से विशेष छूट दी जाएगी। समझौते के अनुसार पात्र ट्रकों और बसों की एक्स-शोरूम कीमत पर 8 प्रतिशत तक का सीधा डिस्काउंट मिलेगा। इससे नए वाहन खरीदने की लागत काफी कम हो जाएगी और पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने में भी मदद मिलेगी।

इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी मिलेगा लाभ

सरकार और कंपनियां इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाली छूट की अधिकतम सीमा उस श्रेणी के पारंपरिक डीजल, पेट्रोल या सीएनजी वाहन पर लागू छूट के बराबर रखी जाएगी। इससे कमर्शियल ईवी खरीदने वाले ग्राहकों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

सरकार भी देगी अतिरिक्त आर्थिक सहायता

कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले डिस्काउंट के अलावा केंद्र और राज्य सरकारें भी लाभार्थियों को कई तरह की आर्थिक रियायतें देने की तैयारी में हैं।

वाहन लोन पर ब्याज में राहत

नई गाड़ी खरीदने के लिए लिए गए वाहन ऋण पर केंद्र सरकार 5 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी दे सकती है, जिससे मासिक किस्त का बोझ कम होगा।

मुफ्त फ्यूल वाउचर का लाभ

योजना के पात्र वाहन मालिकों को पांच वर्षों तक हर महीने निर्धारित राशि के फ्यूल वाउचर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे परिचालन लागत में भी कमी आएगी।

टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में बड़ी छूट

राज्य सरकारें इस योजना में शामिल लाभार्थियों को 10 वर्षों तक मोटर वाहन टैक्स में 100 प्रतिशत तक की छूट दे सकती हैं। इसके अलावा नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी पूरी छूट देने का प्रस्ताव है।

प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल दिल्ली-एनसीआर में पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही परिवहन क्षेत्र में आधुनिक, सुरक्षित और ईंधन-कुशल वाहनों के इस्तेमाल को भी बढ़ावा मिलेगा। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों में भी इसी तरह की स्कीम लागू की जा सकती है, जिससे वाहन मालिकों और पर्यावरण दोनों को लाभ होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *