November 7, 2026

7th Pay Commission: हिमाचल सरकार का बड़ा तोहफा, मेडिकल ऑफिसर्स की सैलरी में 78% बढ़ोतरी; अब मिलेंगे ₹60 हजार प्रति माह

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हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के तहत कॉन्ट्रैक्ट और ट्रेनी स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर्स की मासिक सैलरी में 78% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद इन डॉक्टरों का वेतन ₹33,600 प्रति माह से बढ़कर अब ₹60,000 प्रति माह हो जाएगा। सरकार का कहना है कि इस कदम से विशेषज्ञ डॉक्टरों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और दूरदराज के इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञ डॉक्टरों को मिलेगा बड़ा लाभ

हिमाचल प्रदेश सरकार के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से यह वेतन बढ़ोतरी की गई है। यह वेतन वृद्धि कॉन्ट्रैक्ट और ट्रेनी स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर्स के लिए लागू होगी। सरकार का मानना है कि बेहतर वेतन से डॉक्टरों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में लंबे समय तक सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

2022 में भी हुई थी 7th Pay Commission वेतन बढ़ोतरी

यह पहली बार नहीं है जब राज्य सरकार ने मेडिकल ऑफिसर्स के वेतन में बढ़ोतरी की है। इससे पहले साल 2022 में छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर 24% की वृद्धि की गई थी। उस समय मेडिकल ऑफिसर्स का वेतन ₹27,000 से बढ़ाकर करीब ₹33,600 प्रति माह किया गया था। अब नई बढ़ोतरी के बाद वेतन ₹60,000 प्रति माह हो गया है।

PG मेडिकल छात्रों के स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी

हिमाचल सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे पोस्ट ग्रेजुएट (PG) मेडिकल छात्रों के मासिक स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी की है। नई व्यवस्था के तहत:

  • प्रथम वर्ष के PG छात्रों का स्टाइपेंड ₹40,000-50,000 से बढ़ाया गया है।
  • द्वितीय वर्ष के PG छात्रों का स्टाइपेंड ₹45,000-60,000 किया गया है।
  • तृतीय वर्ष के PG छात्रों का स्टाइपेंड ₹50,000 से बढ़ाकर ₹65,000 कर दिया गया है।

सरकार का कहना है कि PG मेडिकल छात्र मरीजों की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्टाइपेंड बढ़ाने से उन्हें बेहतर काम करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

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सीनियर रेजिडेंट और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को भी राहत

राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में काम करने वाले सीनियर रेजिडेंट और अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी की है। सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट का मासिक स्टाइपेंड ₹60,000-65,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख कर दिया गया है। वहीं सुपर स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड ₹60,000-65,000 से बढ़ाकर ₹1.30 लाख प्रति माह किया गया है।

स्वास्थ्य और शिक्षा सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले साढ़े तीन वर्षों में इन दोनों क्षेत्रों में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले ले चुकी है। वेतन और स्टाइपेंड बढ़ाने से स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आधुनिक तकनीक और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

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कर्मचारियों के DA और एरियर पर भी सरकार की नजर

इससे पहले हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स के लंबित महंगाई भत्ते (DA) और एरियर को लेकर समीक्षा शुरू की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकारी कर्मचारी राज्य की रीढ़ हैं और लंबित भुगतान को पूरा करने के लिए जरूरी धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने लंबित वेतन और पेंशन एरियर को लेकर भी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही है। इससे राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत मिलने की उम्मीद है।