July 3, 2026

Meta पर सरकार की सख्ती बढ़ी! Instagram पर आपत्तिजनक विज्ञापनों को लेकर तलब; AI के लिए भी बन सकता है नया कानून

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केंद्र सरकार ने एक बार फिर Meta पर सख्त रुख अपनाया है। रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि Instagram पर कथित तौर पर बाल यौन शोषण से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापनों के मामले में Meta को तलब किया जाए। सूत्रों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इस मामले में Meta से स्पष्टीकरण मांगा है। सरकार यह जानना चाहती है कि ऐसे विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर कैसे दिखाई दिए और उन्हें रोकने के लिए कंपनी ने क्या कदम उठाए हैं।

WhatsApp के Username फीचर पर भी सरकार की नजर

यह एक सप्ताह के भीतर दूसरा मामला है, जिसमें केंद्र सरकार ने Meta से जवाब मांगा है। इससे पहले WhatsApp के प्रस्तावित Username फीचर को लेकर भी सरकार ने कंपनी को नोटिस जारी किया था। सरकार का मानना है कि अगर WhatsApp पर मोबाइल नंबर की जगह Username के जरिए पहचान और बातचीत की सुविधा शुरू होती है, तो ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराध और फर्जी पहचान के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।

तीन दिन में मांगा गया जवाब

रिपोर्ट के अनुसार Meta के प्रतिनिधियों ने हाल ही में MeitY अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक के दौरान सरकार ने अपनी चिंताएं विस्तार से कंपनी के सामने रखीं और तीन दिन के भीतर विस्तृत जवाब देने को कहा। केंद्र ने यह भी निर्देश दिया कि जब तक सरकार के साथ विचार-विमर्श पूरा नहीं हो जाता तब तक WhatsApp के Username फीचर को लागू न किया जाए।

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IT Act के तहत कार्रवाई की चेतावनी

सरकार ने Meta से यह भी पूछा है कि आखिर क्यों उसके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और उससे जुड़े नियमों के तहत कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। सरकार ने याद दिलाया कि WhatsApp एक महत्वपूर्ण सोशल मीडिया इंटरमीडियरी है और उसे IT Act के तहत तय सभी नियमों और जिम्मेदारियों का पालन करना अनिवार्य है।

AI के लिए अलग कानून लाने की तैयारी

इस बीच IT सचिव एस. कृष्णन ने संकेत दिए हैं कि भारत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए अलग कानूनी ढांचा तैयार करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक Deepfake और AI से तैयार किए गए कंटेंट से जुड़े मामलों को मौजूदा IT नियमों के जरिए संभाला गया है लेकिन AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए अलग कानून की जरूरत महसूस हो रही है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि फिलहाल नए कानून को लागू करने की कोई तय समय-सीमा नहीं है।

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AI कंटेंट पर पहले ही सख्त हो चुके हैं नियम

फरवरी में केंद्र सरकार ने AI से तैयार किए गए कंटेंट और Deepfake को लेकर IT Rules, 2021 में संशोधन किया था। नए नियमों के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सक्षम प्राधिकरण या अदालत के निर्देश मिलने पर ऐसे कंटेंट को तीन घंटे के भीतर हटाना होगा। सरकार ने AI से तैयार या बदले गए ऑडियो, वीडियो और अन्य डिजिटल कंटेंट की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करने के लिए भी नए प्रावधान जोड़े हैं। साथ ही भविष्य में ऐसे कंटेंट पर लगातार दिखाई देने वाले लेबल को अनिवार्य बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।