NPS Swasthya Pension Scheme: पेंशन के साथ हेल्थ कवर की तैयारी, अस्पताल में इलाज के लिए मिल सकेगा NPS फंड
NPS Swasthya Pension Scheme
NPS निवेशकों के लिए एक नई और बड़ी सुविधा आने वाली है जिसमें रिटायरमेंट पेंशन के साथ-साथ स्वास्थ्य बीमा भी जोड़ा जाएगा। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) NPS Swasthya Pension Scheme नाम से एक नई योजना लाने की तैयारी में है। इस योजना का उद्देश्य यह है कि NPS में जमा पैसा केवल बुढ़ापे की आय तक सीमित न रहे बल्कि जरूरत पड़ने पर इलाज के खर्च में भी उपयोग किया जा सके।
हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम सीधे NPS से कटेगा
इस नई व्यवस्था में निवेशकों को अलग से हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम देने की जरूरत नहीं होगी। प्रीमियम की राशि सीधे उनके NPS खाते से ही काट ली जाएगी। इस स्कीम के तहत अस्पताल में भर्ती होने या गंभीर बीमारी की स्थिति में जरूरत के अनुसार NPS फंड का उपयोग किया जा सकेगा। इसमें आंशिक और जरूरत पड़ने पर पूरा फंड निकालने की सुविधा भी दी जा सकती है।
लॉन्च को लेकर तेजी से चल रही तैयारी
PFRDA ने इस स्कीम को मंजूरी दे दी है और इसे अगले 60 से 70 दिनों के भीतर लॉन्च किए जाने की संभावना है। शुरुआती चरण में आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस को सेवा प्रदाता के रूप में जोड़ा गया है जबकि आगे चलकर अन्य कंपनियों को भी शामिल किया जाएगा।
अस्पताल और OPD दोनों खर्च होंगे कवर
यह योजना केवल अस्पताल में भर्ती होने तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि OPD इलाज के खर्च को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इसके साथ जरूरत पड़ने पर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस का विकल्प भी मिलेगा। इससे निवेशकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर पेंशन और हेल्थ सुरक्षा दोनों का लाभ मिल सकेगा।
गंभीर बीमारी में पूरा NPS फंड निकालने की सुविधा
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि गंभीर बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में निवेशक अपने NPS खाते से पूरा फंड निकाल सकेंगे। इससे इलाज के समय पैसों की कमी की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
न्यूनतम निवेश और भुगतान का तरीका
इस योजना में शामिल होने के लिए कम से कम ₹25,000 का शुरुआती निवेश जरूरी होगा। हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम अलग से नहीं लिया जाएगा बल्कि यह NPS खाते से आंशिक निकासी के रूप में स्वतः एडजस्ट किया जाएगा।
क्लेम प्रक्रिया होगी सीधी और तेज
इस स्कीम में क्लेम सेटलमेंट को सरल बनाने पर ध्यान दिया गया है। इलाज के दौरान जब भी फंड निकाला जाएगा वह राशि सीधे अस्पताल या संबंधित संस्था को ट्रांसफर की जाएगी। अगर इलाज के बाद कोई रकम बचती है तो उसे वापस निवेशक के खाते में जमा कर दिया जाएगा।
किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
यह योजना उन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकती है जो रिटायरमेंट के साथ-साथ हेल्थ सुरक्षा भी चाहते हैं। इसके अलावा स्वरोजगार करने वाले लोग, निजी क्षेत्र के कर्मचारी और वे निवेशक जिनके पास अलग से हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है उन्हें इसका सीधा लाभ मिलेगा।
WhatsApp के नए यूजरनेम फीचर पर सरकार की नजर, साइबर सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
अभी नियमों की पूरी जानकारी बाकी
फिलहाल PFRDA ने इस योजना की रूपरेखा साझा की है लेकिन प्रीमियम दर, कवरेज की सीमा, आयु सीमा, वेटिंग पीरियड और पहले से मौजूद बीमारियों पर नियम अभी जारी नहीं किए गए हैं। इन सभी विवरणों की जानकारी योजना के आधिकारिक लॉन्च के समय सामने आएगी।
