August 12, 2026

Tata Sons के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का इस्तीफा, फरवरी 2027 तक संभालेंगे जिम्मेदारी

Tata

Tata

टाटा समूह में नेतृत्व को लेकर लंबे समय से चल रही अनिश्चितता के बीच बड़ा बदलाव सामने आया है। Tata Sons के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि वे तत्काल पद नहीं छोड़ेंगे और अपने मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति तक चेयरमैन बने रहेंगे। उनका वर्तमान कार्यकाल 20 फरवरी 2027को खत्म होना है। चंद्रशेखरन का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब 18 अगस्त को टाटा संस की AGM होने वाली है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद वे दोबारा चेयरमैन पद के लिए अपना नाम आगे नहीं बढ़ाएंगे। उन्होंने बोर्ड से नए नेतृत्व के चयन की प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा है ताकि जिम्मेदारी का सुचारु हस्तांतरण हो सके।

तीसरे कार्यकाल पर नहीं बन पाई सहमति

एन. चंद्रशेखरन को टाटा संस के चेयरमैन के रूप में तीसरा पांच साल का कार्यकाल देने का प्रस्ताव इस साल फरवरी में बोर्ड के सामने रखा गया था। चंद्रशेखरन के अनुसार सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने उनके अगले पांच साल के कार्यकाल के विस्तार की सर्वसम्मति से सिफारिश की थी। यह प्रस्ताव टाटा संस की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी और बोर्ड के सामने भी रखा गया था। हालांकि 24 फरवरी 2026 की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को सर्वसम्मत समर्थन नहीं मिल सका। इसके बाद इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया। चंद्रशेखरन ने अपने बयान में कहा कि बोर्ड की उस बैठक को करीब छह महीने हो चुके हैं लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।

नोएल टाटा से मतभेद की खबरें

चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के बीच मतभेद की खबरें पहले भी सामने आती रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने कुछ ग्रुप कंपनियों के प्रदर्शन और नुकसान को लेकर सवाल उठाए थे। टाटा संस के भविष्य, नए कारोबारों में निवेश, पूंजी आवंटन और रणनीतिक दिशा जैसे मुद्दों पर भी मतभेद की रिपोर्टें सामने आई थीं। रिपोर्टों में यह भी कहा गया था कि टाटा संस की संभावित लिस्टिंग को लेकर अलग-अलग विचार थे। हालांकि, इन मतभेदों को लेकर टाटा ट्रस्ट्स या टाटा संस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। इसलिए इसे चंद्रशेखरन के इस्तीफे की रिपोर्टेड वजह के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

EPFO : घर बैठे Aadhaar Face ID से जमा करें Jeevan Pramaan Patra, जानिए पूरा ऑनलाइन तरीका

चंद्रशेखरन ने क्यों लिया फैसला?

चंद्रशेखरन ने अपने बयान में कहा कि टाटा संस एक बहुत बड़ा संस्थान है और कई महत्वपूर्ण रणनीतिक परियोजनाएं इस समय अहम चरण में हैं। ऐसे में फरवरी 2027 के बाद ग्रुप का नेतृत्व कौन करेगा, इसे लेकर कर्मचारियों, निवेशकों, पार्टनर्स और अन्य हितधारकों के बीच स्पष्टता जरूरी है। इसी वजह से उन्होंने फरवरी 2027 के बाद पुनर्नियुक्ति के लिए खुद को उम्मीदवार नहीं बनाने का फैसला किया है और बोर्ड से उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का अनुरोध किया है।

iPhone 18 Pro में इस बार सिर्फ कैमरा नहीं, पूरी बदल जाएगी तस्वीर! जानें 7 बड़े अपग्रेड

Tata शेयरों पर भी दिखा असर

एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद टाटा समूह की कई लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में दबाव देखने को मिला। **TCS, Tata Motors, Tata Steel और Tata Consumer Products** समेत प्रमुख टाटा कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्टों के मुताबिक कुछ शेयरों में गिरावट करीब 3-4 फीसदी तक पहुंची। बाजार में इस गिरावट की एक बड़ी वजह टाटा समूह के भविष्य के नेतृत्व को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता को माना जा रहा है। हालांकि, शेयरों की चाल पर व्यापक बाजार की स्थिति और अन्य कारोबारी कारणों का भी असर रहता है।

करीब एक दशक का कार्यकाल

एन. चंद्रशेखरन ने टाटा समूह में करीब **40 साल** का पेशेवर सफर पूरा किया है। वे 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे और तब से समूह की कमान संभाल रहे हैं। उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, एयर इंडिया और अन्य नए कारोबारों में विस्तार किया है। अब चंद्रशेखरन फरवरी 2027 तक अपनी मौजूदा जिम्मेदारी संभालेंगे। इस दौरान टाटा संस बोर्ड के सामने सबसे बड़ी चुनौती नए चेयरमैन का चयन और नेतृत्व का सुचारु ट्रांजिशन होगा।