IRFC OFS : सरकार बेचेगी 2% तक हिस्सेदारी, बुधवार से खुलेगा ऑफर; निवेशकों के लिए बड़ा मौका
IRFC
केंद्र सरकार ने भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। सरकार ने कंपनी में 1% हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) लॉन्च किया है। इसके साथ ही 1% अतिरिक्त हिस्सेदारी ग्रीनशू ऑप्शन के तहत बेचने का भी प्रावधान रखा गया है। यानी कुल मिलाकर सरकार IRFC में 2% तक हिस्सेदारी बेच सकती है।
बुधवार से शुरू होगा IRFC OFS
निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणिश चावला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी। उनके अनुसार, OFS बुधवार को गैर-खुदरा (Non-Retail) निवेशकों के लिए खुलेगा, जबकि खुदरा (Retail) निवेशक गुरुवार को बोली लगा सकेंगे। सरकार की ओर से पेश किया गया यह ऑफर रेलवे क्षेत्र की प्रमुख सरकारी कंपनी IRFC में निवेश का एक नया अवसर माना जा रहा है।
विनिवेश अभियान को मिल रही रफ्तार
IRFC में हिस्सेदारी बिक्री सरकार के व्यापक विनिवेश कार्यक्रम का हिस्सा है। केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर गैर-कर राजस्व बढ़ाने और निवेशकों के लिए वैल्यू अनलॉक करने की रणनीति पर काम कर रही है। इससे पहले सरकार ने हाल ही में जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (GIC Re) में 5% हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की थी। उस OFS को निवेशकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी।
GIC Re OFS को मिला था शानदार रिस्पॉन्स
GIC Re के OFS में गैर-खुदरा निवेशकों ने पहले ही दिन लगभग ₹4,000 करोड़ की बोलियां लगाई थीं। सरकार ने वहां 2% हिस्सेदारी के साथ 3% अतिरिक्त ग्रीनशू ऑप्शन भी रखा था, जिससे कुल हिस्सेदारी बिक्री 5% तक पहुंच गई। सरकार को इस सौदे से करीब ₹3,000 करोड़ मिलने का अनुमान है।
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इस वित्त वर्ष में ₹16,000 करोड़ जुटा चुकी सरकार
IRFC OFS के साथ सरकार अपने विनिवेश कार्यक्रम को और गति दे रही है। चालू वित्त वर्ष में अब तक सरकार विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर लगभग ₹16,000 करोड़ जुटा चुकी है। इन कंपनियों में GIC Re, कोल इंडिया, NHPC, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और NLC इंडिया शामिल हैं।
FY27 तक ₹80,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
सरकार आने वाले समय में कई अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में भी हिस्सेदारी बिक्री की योजना बना रही है। विनिवेश और एसेट मोनेटाइजेशन कार्यक्रम के जरिए वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में ₹80,000 करोड़ से अधिक जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि IRFC जैसी मजबूत सरकारी कंपनी में OFS से निवेशकों की अच्छी भागीदारी देखने को मिल सकती है, खासकर तब जब रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और पूंजीगत खर्च पर सरकार लगातार फोकस कर रही है।
क्या करती है IRFC?
भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) रेल मंत्रालय के तहत आने वाली एक नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है। यह भारतीय रेलवे की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने वाली प्रमुख संस्था है। IRFC रेलवे के लिए फंड जुटाने, नई रेल परियोजनाओं के वित्तपोषण, रोलिंग स्टॉक खरीदने और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए पूंजी उपलब्ध कराने का काम करती है।
