Share Market Today: दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद बढ़त पर बंद हुआ बाजार, ऑटो शेयरों में जमकर खरीदारी
Share market Today
Share Market Today: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार के दौरान तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती मजबूती के बाद बाजार ने दिन के उच्च स्तर से बड़ी गिरावट दर्ज की, लेकिन आखिरी घंटों में हुई खरीदारी की बदौलत प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद होने में सफल रहे। कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 109 अंकों की बढ़त के साथ 77,100 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 34 अंक चढ़कर 24,056 पर पहुंच गया। हालांकि दिन के दौरान बाजार में दबाव भी देखने को मिला और सेंसेक्स अपने सर्वोच्च स्तर से करीब 700 अंक से ज्यादा नीचे फिसल गया।
ऑटो और FMCG सेक्टर ने दिखाई मजबूती
आज के कारोबार में निवेशकों का रुझान ऑटोमोबाइल और FMCG कंपनियों की ओर रहा। इन सेक्टरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को सहारा मिला। दूसरी ओर आईटी और मेटल शेयरों में दबाव बना रहा और इन सेक्टरों के कई बड़े शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी-50 में शामिल आधे शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि बाकी शेयरों में कमजोरी रही। सेंसेक्स में भी चुनिंदा कंपनियों ने बाजार को ऊपर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन दिन की सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनियों में शामिल रही।
एशियाई बाजारों से मिले मिश्रित संकेत
एशियाई बाजारों का रुख मिला-जुला रहा। दक्षिण कोरिया और जापान के शेयर बाजारों में शानदार तेजी देखने को मिली, जबकि हांगकांग का बाजार दबाव में रहा। वैश्विक निवेशकों की नजर आर्थिक गतिविधियों और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर बनी हुई है, जिसका असर विभिन्न बाजारों में देखने को मिल रहा है।
Share Market में अमेरिकी बाजारों का असर भी रहा सीमित
अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान मिश्रित प्रदर्शन देखने को मिला। डाउ जोन्स बढ़त के साथ बंद हुआ जबकि टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी के कारण नैस्डैक दबाव में रहा। इसके बावजूद भारतीय बाजार पर इसका बड़ा नकारात्मक असर नहीं दिखा।
विदेशी निवेशकों का रुख बना हुआ है महत्वपूर्ण
हाल के दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार में खरीदारी का रुख बनाए रखा है। पिछले एक सप्ताह में विदेशी निवेशकों ने हजारों करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं, जिससे बाजार को समर्थन मिला है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक भी लगातार बाजार में निवेश कर रहे हैं और यह भारतीय बाजार की मजबूती का बड़ा कारण बना हुआ है।
