Bitcoin पर फिर बरसे दिग्गज निवेशक जेरेमी ग्रांथम, बोले- धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी इसकी अहमियत, $60,000 के नीचे फिसली सबसे बड़ी Crypto
Bitcoin
दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) एक बार फिर दबाव में है। इसकी कीमत 60,000 डॉलर के नीचे फिसल गई है। इसी बीच मशहूर निवेशक और GMO के सह-संस्थापक जेरेमी ग्रांथम (Jeremy Grantham) ने बिटकॉइन पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि इसका कोई वास्तविक उपयोग नहीं है और आने वाले वर्षों में इसकी अहमियत धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। उन्होंने CNBC के कार्यक्रम Squawk Box में कहा कि बिटकॉइन एक ऐसा सट्टा आधारित एसेट है जिसकी कोई आंतरिक (Intrinsic) वैल्यू नहीं है और यह लंबे समय में निवेशकों के लिए भरोसेमंद विकल्प साबित नहीं हुआ है।
60,000 डॉलर के नीचे आया Bitcoin
कॉइनमार्केटकैप के आंकड़ों के अनुसार 26 जून को बिटकॉइन की कीमत करीब 59,934 डॉलर तक गिर गई, जो पिछले कारोबारी दिन की तुलना में लगभग 2.66% कम थी। इसके साथ ही बिटकॉइन का मार्केट कैप भी घटकर करीब 1.2 ट्रिलियन डॉलर रह गया। पूरे क्रिप्टो बाजार का कुल मार्केट कैप भी गिरकर लगभग 2.06 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि बाजार में कमजोरी के बावजूद बिटकॉइन का दबदबा बरकरार है और इसकी हिस्सेदारी करीब 58.2% बनी हुई है। वहीं एथेरियम की हिस्सेदारी करीब 9.1% रही।
Bitcoin का कोई व्यावहारिक इस्तेमाल नहीं
जेरेमी ग्रांथम का कहना है कि बिटकॉइन को लोग रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल नहीं करते। उनके मुताबिक लोग इससे न तो सामान्य खरीदारी करते हैं और न ही बड़े कारोबारी लेन-देन। उन्होंने कहा कि यह एक स्थिर मूल्य (Store of Value) भी नहीं बन पाया है क्योंकि इसकी कीमत बिना किसी बड़े आर्थिक कारण के भी तेजी से गिर जाती है। ग्रांथम ने यह भी कहा कि लंबे समय में बिटकॉइन की लोकप्रियता धीरे-धीरे कम होती जाएगी और इसकी उपयोगिता समाप्त हो सकती है।
कई कारणों से दबाव में है बिटकॉइन
विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में कई वजहों से बिटकॉइन पर बिकवाली बढ़ी है।
- अमेरिका में महंगाई के मजबूत आंकड़ों ने ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
- फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति की आशंका बनी हुई है।
- स्पॉट बिटकॉइन ETF से लगातार निकासी देखने को मिली है।
- निवेशकों का बड़ा हिस्सा AI और टेक्नोलॉजी शेयरों की ओर लौट रहा है।
इन्हीं कारणों से क्रिप्टो बाजार में खरीदारी कमजोर पड़ी है।
AI सेक्टर की ओर बढ़ रहा निवेश
क्रिप्टो एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस समय निवेशकों का फोकस तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों पर शिफ्ट हो रहा है। AI कंपनियों में बढ़ते निवेश के कारण बिटकॉइन में नई पूंजी का प्रवाह पहले की तुलना में धीमा हुआ है। यही वजह है कि बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया और कीमतों में कमजोरी देखने को मिली।
आगे क्या रहेगा नजरिया?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बिटकॉइन की दिशा काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों, महंगाई के आंकड़ों और ETF निवेश के रुख पर निर्भर करेगी। यदि वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की धारणा मजबूत होती है तो क्रिप्टो बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है लेकिन फिलहाल निवेशकों के बीच सतर्कता बनी हुई है।
