June 30, 2026

E85 और E100 फ्यूल पर Indian Oil की बड़ी तैयारी, अलग स्टोरेज और डिस्पेंसिंग सिस्टम होगा तैयार

Indian Oil

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देश की सबसे बड़ी ऑयल मार्केटिंग कंपनी Indian Oil Corporation (IOCL) ने E85 और E100 एथेनॉल फ्यूल के विस्तार की दिशा में अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर AS Sahney ने कहा कि E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम से मिले अनुभव के बाद अब कंपनी E85 और E100 फ्यूल की सप्लाई चेन को बेहतर तरीके से संभालने के लिए तैयार है।

करीब 50 स्थानों पर E85 फ्यूल की उपलब्धता शुरू

दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा हिस्सा इस बदलाव के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि E85 और E100 फ्यूल के लिए अलग स्टोरेज टैंक और अलग डिस्पेंसिंग स्टेशन की जरूरत होगी। फिलहाल Indian Oil ने देशभर में करीब 50 स्थानों पर E85 फ्यूल की उपलब्धता शुरू कर दी है।

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E100 से मिली सीख, अब चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार

AS Sahney ने कहा कि E100 फ्यूल की शुरुआत के समय वाहन निर्माता कंपनियों (OEMs) की तैयारी पूरी नहीं थी जिससे कुछ चुनौतियां सामने आई थीं। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए अब E85 के विस्तार के लिए चरणबद्ध रणनीति अपनाई जा रही है ताकि सप्लाई और वाहनों की उपलब्धता दोनों में संतुलन बना रहे। उन्होंने बताया कि एथेनॉल फ्यूल की कीमत तय करते समय कई पहलुओं का ध्यान रखना जरूरी है। इसमें उपभोक्ताओं को किफायती ईंधन उपलब्ध कराना, किसानों और एथेनॉल उत्पादकों को उचित आय सुनिश्चित करना, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की व्यावसायिक स्थिति को मजबूत रखना और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देना शामिल है।

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लॉन्च ऑफर के तहत सस्ता E85, आगे बदल सकती है कीमत

IOCL प्रमुख ने कहा कि फिलहाल E85 फ्यूल को कम कीमत पर लॉन्च किया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे अपनाएं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह शुरुआती लॉन्च ऑफर है और भविष्य में मांग तथा खपत बढ़ने के साथ इसकी कीमत में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एथेनॉल कार्यक्रम की लंबी अवधि की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि पूरी वैल्यू चेन आर्थिक रूप से टिकाऊ बनी रहे। भारत लगातार पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ा रहा है ताकि कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हो, प्रदूषण में कमी आए और किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर पैदा हों। सरकार अब E20 के बाद E85 और E100 जैसे उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के विस्तार पर भी जोर दे रही है। इसके लिए नीति, कीमत और सप्लाई चेन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।