Bira 91 पर बढ़ा वित्तीय दबाव, ₹11.77 करोड़ बकाया को लेकर HNGIL ने भेजा डिफॉल्ट नोटिस
Bira 91
मशहूर बीयर ब्रांड Bira 91 की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। कंटेनर ग्लास बनाने वाली कंपनी Hindusthan National Glass and Industries Ltd (HNGIL) ने Bira 91 की मूल कंपनी B9 Beverages Ltd को कथित तौर पर ₹11.77 करोड़ के बकाया भुगतान को लेकर डिफॉल्ट नोटिस भेजा है। बकाया राशि का भुगतान नहीं होने की स्थिति में HNGIL कंपनी के खिलाफ National Company Law Tribunal (NCLT) में दिवालिया प्रक्रिया शुरू कराने की दिशा में कदम उठा सकती है।
मामला ऐसे समय सामने आया है जब B9 Beverages पहले से ही गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रही है और कंपनी के कारोबार को दोबारा पटरी पर लाने के लिए पुनर्गठन की प्रक्रिया चल रही है।
₹11.77 करोड़ के बकाये को लेकर भेजा नोटिस
रिपोर्ट के अनुसार HNGIL ने Insolvency and Bankruptcy Code (IBC) की धारा 8 के तहत B9 Beverages को डिमांड नोटिस जारी किया है। यह नोटिस किसी ऑपरेशनल क्रेडिटर द्वारा कंपनी के खिलाफ कॉरपोरेट दिवालिया समाधान प्रक्रिया शुरू कराने से पहले की जरूरी कानूनी प्रक्रिया है।
HNGIL का दावा है कि उसने B9 Beverages के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई 650 मिलीलीटर एंबर ग्लास बोतलों का निर्माण किया था। ये बोतलें Bira 91 की जरूरत और ब्रांडिंग के अनुसार तैयार की गई थीं।
कंपनी के अनुसार जून और सितंबर 2024 में दिए गए तीन खरीद आदेशों के आधार पर 51 लाख से अधिक कस्टमाइज्ड बोतलों का निर्माण किया गया था।

तीन राज्यों में रखा है तैयार बोतलों का स्टॉक
बताया गया है कि तैयार की गई ये बोतलें अभी भी HNGIL के अलग-अलग संयंत्रों में रखी हुई हैं। इनमें हरियाणा के बहादुरगढ़, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल के रिशरा स्थित सुविधाएं शामिल हैं।
HNGIL का कहना है कि बोतलों को B9 Beverages की विशेष जरूरत और ब्रांडिंग के अनुसार तैयार किया गया था। ऐसे में इन्हें किसी दूसरे ग्राहक को बेचना आसान नहीं है। बकाया में करीब ₹7.03 करोड़ बोतलों के निर्माण की कीमत और लगभग ₹1.12 करोड़ स्टोरेज चार्ज शामिल हैं। कंपनी ने अनुबंध के अनुसार ब्याज की राशि का भी दावा किया है। इसमें B9 Beverages के खाते में उपलब्ध करीब ₹13.72 लाख के क्रेडिट बैलेंस को समायोजित करने की बात कही गई है।
पहले भी भेजा गया था कानूनी नोटिस
HNGIL ने इससे पहले 6 मई 2026 को भी B9 Beverages को कानूनी नोटिस भेजा था। कंपनी ने कथित बकाया भुगतान की मांग के साथ तैयार बोतलों के स्टॉक को उठाने के लिए एक निश्चित समयसीमा बताने को कहा था।
रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद भी न तो कथित बकाया राशि का भुगतान हुआ और न ही तैयार बोतलों को उठाने की कोई ठोस व्यवस्था की गई। इसके बाद कंपनी ने IBC के तहत डिमांड नोटिस जारी करने का फैसला किया।
10 दिन में जवाब नहीं मिला तो NCLT पहुंच सकता है मामला
IBC के नियमों के अनुसार डिमांड नोटिस मिलने के बाद संबंधित कंपनी के पास आमतौर पर 10 दिन का समय होता है। इस अवधि में कंपनी कथित बकाया राशि का भुगतान कर सकती है या फिर यह बता सकती है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से कोई वास्तविक विवाद मौजूद है।
यदि तय अवधि में भुगतान या विवाद से जुड़ा संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है, तो ऑपरेशनल क्रेडिटर IBC की धारा 9 के तहत NCLT में कॉरपोरेट दिवालिया समाधान प्रक्रिया (CIRP) शुरू करने के लिए आवेदन कर सकता है।
HNGIL की ओर से कहा गया है कि कंपनी समाधान के लिए तैयार है हालांकि मामला कानूनी प्रक्रिया में होने के कारण इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं की गई है।
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Bira 91 पहले से वित्तीय संकट से जूझ रही
B9 Beverages की वित्तीय स्थिति पिछले कुछ समय से चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी सितंबर 2025 से उत्पादन संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है और उसका कुल कर्ज करीब ₹1,000 करोड़ तक होने का अनुमान लगाया गया है।
वित्तीय संकट के कारण कंपनी के संचालन, कर्मचारियों के भुगतान, वैधानिक देनदारियों और वेंडर्स से जुड़े बकाये जैसे मुद्दे भी चर्चा में रहे हैं।
संस्थापक अंकुर जैन ने छोड़ा था पद
पिछले महीने Bira 91 के संस्थापक अंकुर जैन ने B9 Beverages के बोर्ड और अपनी सभी कार्यकारी जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कदम कंपनी के कर्जदाताओं और निवेशकों के साथ हुए समझौते तथा पुनर्गठन प्रक्रिया के बाद उठाया गया।
कंपनी के पुनर्गठन की प्रक्रिया में Anicut Capital की अहम भूमिका बताई जा रही है। मौजूदा निवेशकों और अन्य पक्षों के साथ मिलकर कंपनी के वित्तीय ढांचे को दोबारा मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
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दोबारा कारोबार शुरू करने से पहले देनदारियां निपटाने की तैयारी
B9 Beverages के संभावित रिकैपिटलाइजेशन का मकसद कंपनी की वित्तीय देनदारियों को व्यवस्थित करना बताया जा रहा है। इसमें वैधानिक बकाया, कर्मचारियों से जुड़ी देनदारियां और वेंडर्स के भुगतान जैसे मुद्दों को प्राथमिकता से सुलझाने की योजना हो सकती है।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि कुछ कंपनियां B9 Beverages के संभावित अधिग्रहण के विकल्पों पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, किसी संभावित सौदे को लेकर अभी तक अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है।
अब HNGIL की ओर से ₹11.77 करोड़ के कथित बकाये को लेकर जारी किया गया डिफॉल्ट नोटिस Bira 91 की वित्तीय चुनौतियों में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में सामने आया है। यदि दोनों पक्षों के बीच जल्द समाधान नहीं निकलता है, तो मामला NCLT तक पहुंच सकता है।
