August 31, 2026

Everest और LG ब्रांड की हींग की बिक्री पर रोक, FSSAI की जांच में स्टार्च ज्यादा और गुणवत्ता मानकों में कमी

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भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य गुणवत्ता को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए M/s Everest Food Products Private Limited और M/s Laljee Godhoo and Company (LG Brand Unit) द्वारा निर्मित कंपाउंडेड हींग (Compounded Asafoetida) की बिक्री पर रोक लगा दी है। जांच के दौरान लिए गए नमूनों में निर्धारित मानकों से अधिक स्टार्च और आवश्यक मात्रा से कम अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार FSSAI ने दोनों कंपनियों की संबंधित इकाइयों के खिलाफ Prohibition of Sale Orders जारी किए हैं। जांच में उत्पादों को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।

उपभोक्ता की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

मामले की शुरुआत एक उपभोक्ता द्वारा कंपाउंडेड हींग की गुणवत्ता को लेकर की गई शिकायत से हुई। शिकायत मिलने के बाद FSSAI ने बाजार में उपलब्ध प्रमुख हींग ब्रांडों की निगरानी और जांच शुरू की।

जांच के दौरान Everest और LG ब्रांड की मुंबई स्थित केंद्रीय लाइसेंस वाली इकाइयों से कानूनी नमूने लिए गए। इन नमूनों को परीक्षण के लिए प्राथमिक प्रयोगशाला भेजा गया।

इसके अलावा FSSAI ने गुजरात स्टेट FDA के साथ मिलकर गुजरात के उमरगांव स्थित Everest की राज्य लाइसेंस वाली उत्पादन इकाई का भी संयुक्त निरीक्षण किया और वहां से नमूने एकत्र किए।

सभी जांचे गए कानूनी नमूने मानकों के अनुरूप नहीं मिले

FSSAI के अनुसार जांच अभियान के दौरान लिए गए कंपाउंडेड हींग के सभी कानूनी नमूनों को प्रयोगशाला परीक्षण में Substandard यानी निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।

कंपाउंडेड हींग एक मान्यता प्राप्त खाद्य श्रेणी है और इसे Food Safety and Standards (Food Products Standards and Food Additives) Regulations, 2011 के तहत तैयार किया जाता है।

इसमें कच्ची हींग के साथ गम अरेबिक, स्टार्च और विभिन्न प्रकार के आटे जैसे अन्य पदार्थ मिलाए जा सकते हैं। हालांकि इसके लिए कच्ची हींग की न्यूनतम मात्रा से जुड़े स्पष्ट मानक तय किए गए हैं।

5% होना चाहिए था एक्सट्रैक्ट, जांच में मिला सिर्फ 0 से 3%

नियमों के अनुसार कंपाउंडेड हींग में इतनी मात्रा में कच्ची हींग होनी चाहिए कि तैयार उत्पाद में कम से कम 5 प्रतिशत Alcohol Soluble Extract मौजूद रहे।

लेकिन FSSAI की जांच में लिए गए नमूनों में Alcohol Soluble Extract की मात्रा केवल 0 से 3 प्रतिशत पाई गई।

नियामक के अनुसार यह निर्धारित न्यूनतम मानक से काफी कम है। जांच के निष्कर्षों से संकेत मिला कि परीक्षण किए गए उत्पादों में आवश्यक मात्रा की तुलना में करीब 30 से 40 प्रतिशत कम कच्ची हींग का उपयोग किया गया।

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LG यूनिट में कच्ची हींग में 15% से 32% तक स्टार्च मिला

FSSAI ने मुंबई स्थित LG Brand Unit में कच्ची हींग की छह अलग-अलग किस्मों के नमूनों की भी जांच की।

नियमों के अनुसार कच्ची हींग में स्टार्च की अधिकतम स्वीकार्य मात्रा 1 प्रतिशतहै। लेकिन प्रयोगशाला जांच में सभी छह किस्मों में स्टार्च की मात्रा 15 प्रतिशत से 32 प्रतिशत के बीच पाई गई।

इसके अलावा कच्ची हींग में कम से कम 12 प्रतिशत Alcohol Soluble Extract होना भी जरूरी है। ऐसे में जांच के नतीजों ने कच्ची हींग और उससे बने कंपाउंडेड उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

Everest और LG Brand Unit की बिक्री पर रोक

कई बैचों की जांच में गुणवत्ता संबंधी कमियां मिलने के बाद FSSAI ने Everest की मुंबई इकाई और LG Brand Unit की मुंबई इकाई के खिलाफ बिक्री पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए।

FSSAI ने इसे उपभोक्ताओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में उठाया गया एक एहतियाती कदम बताया है।

दोनों खाद्य कारोबार संचालकों को एक विस्तृत Action Plan प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसमें कंपनियों को यह बताना होगा कि वे जांच में सामने आई कमियों को कैसे दूर करेंगी और भविष्य में तैयार होने वाली कंपाउंडेड हींग को निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूप कैसे सुनिश्चित करेंगी।

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बाजार में मौजूद उत्पादों को वापस बुलाने की सलाह

FSSAI ने दोनों निर्माताओं को बाजार में उपलब्ध ऐसे उत्पादों को स्वेच्छा से वापस बुलाने (Voluntary Recall) की भी सलाह दी है, जो जांच में तय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, लेबलिंग और उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर FSSAI बाजार निगरानी बढ़ा रहा है।

उपभोक्ताओं के लिए यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हींग भारतीय रसोई में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला उत्पाद है। अब कंपनियों को FSSAI के निर्देशों के अनुसार जांच में सामने आई कमियों को दूर करने और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत कदम उठाने होंगे।