August 30, 2026

उज्बेकिस्तान में जल्द चलेगा UPI, भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को मिली नई अंतरराष्ट्रीय पहुंच

UPI

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भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI का दायरा लगातार बढ़ रहा है। अब उज्बेकिस्तान भी UPI को अपनाने जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि उज्बेकिस्तान में UPI के रोलआउट की तैयारी पूरी हो चुकी है। इससे भारतीय यात्रियों और दोनों देशों के बीच डिजिटल लेनदेन को आसान बनाने में मदद मिल सकती है।

विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि उज्बेकिस्तान में UPI का रोलआउट भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच हुए कई समझौतों के बीच सामने आई।

UPI से उज्बेकिस्तान में QR के जरिए पेमेंट

उज्बेकिस्तान में UPI के इस्तेमाल के लिए NPCI International Payments Limited (NIPL) और वहां के National Interbank Processing Centre JSC के बीच वाणिज्यिक समझौता हुआ है।

इस व्यवस्था के तहत भारत के UPI ऐप से उज्बेकिस्तान के राष्ट्रीय QR सिस्टम UZQR को स्कैन कर मर्चेंट पेमेंट किया जा सकेगा। यानी भारतीय यात्रियों के लिए स्थानीय दुकानों और अन्य कारोबारियों को डिजिटल पेमेंट करना आसान हो सकता है।

UPI के अंतरराष्ट्रीय इस्तेमाल का उद्देश्य अलग-अलग देशों में भारतीय डिजिटल पेमेंट सिस्टम को जोड़ना है। नेपाल में भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए QR आधारित UPI भुगतान की सुविधा शुरू हो चुकी है।

भारतीय यात्रियों को क्या फायदा होगा?

उज्बेकिस्तान में UPI की सुविधा शुरू होने के बाद भारतीय पर्यटकों, छात्रों और कारोबारियों को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं। उन्हें हर छोटे भुगतान के लिए बड़ी मात्रा में स्थानीय मुद्रा रखने या हर जगह अंतरराष्ट्रीय कार्ड पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो सकती है।

UPI से जुड़े बैंक खाते या ऐप के जरिए भुगतान करने पर लेनदेन सीधे डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा। इससे खर्च का रिकॉर्ड भी तुरंत मोबाइल पर देखा जा सकता है।

हालांकि विदेश में UPI की उपलब्धता और शुल्क संबंधित स्थानीय नियमों तथा साझेदार संस्थाओं की व्यवस्था पर निर्भर करते हैं।

भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों में भी अहम कदम

UPI के अलावा भारत और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे, महत्वपूर्ण खनिजों, रक्षा, कृषि, फार्मास्युटिकल्स, स्वास्थ्य, IT, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, संस्कृति, पर्यटन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य भी रखा है। ऐसे में डिजिटल भुगतान व्यवस्था दोनों देशों के बीच कारोबार और यात्राओं को आसान बनाने में मदद कर सकती है।

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दुनिया के कई देशों में पहुंच चुका है UPI

भारत का UPI अब सिर्फ घरेलू डिजिटल पेमेंट सिस्टम तक सीमित नहीं है। NPCI International अलग-अलग देशों में स्थानीय भुगतान नेटवर्क के साथ साझेदारी के जरिए UPI की स्वीकार्यता बढ़ा रहा है। उदाहरण के तौर पर नेपाल में UPI आधारित QR भुगतान सुविधा मार्च 2024 में लाइव हुई थी। NPCI के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर UPI QR भुगतान की स्वीकार्यता का विस्तार भारतीय यात्रियों के लिए सीमा पार डिजिटल भुगतान को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। UAE में भी Network International के मर्चेंट नेटवर्क पर UPI QR भुगतान की सुविधा शुरू की गई थी।

देश सुविधा पार्टनर संस्था शुरुआत
भूटान P2M RMA Bhutan जुलाई 2021
सिंगापुर P2M NETS Singapore, HitPay Solutions, LiquidPay अगस्त 2021
UAE P2M Mashreq Bank, Network International, Magnati अप्रैल 2022
सिंगापुर P2P BCS PayNow फरवरी 2023
फ्रांस P2M LYRA Network फरवरी 2024
मॉरीशस P2M Bank of Mauritius फरवरी 2024
श्रीलंका P2M LankaPay Pvt. Ltd. फरवरी 2024
नेपाल P2M FonePay Payment Services Ltd. मार्च 2024
कतर P2M Qatar National Bank सितंबर 2025
ग्रीस P2P Eurobank S.A. मई 2026
नेपाल P2P Nepal Clearing House Limited (NCHL) जून 2026
कंबोडिया P2M Acleda Bank PLC जून 2026
उज्बेकिस्तान P2M National Interbank Processing Centre JSC प्रस्तावित

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UPI का बढ़ता ग्लोबल उपयोग

UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भारत की डिजिटल भुगतान तकनीक की वैश्विक पहुंच को दिखाता है। विदेशों में इसके इस्तेमाल से भारतीय यात्रियों के लिए पेमेंट का अनुभव आसान हो सकता है जबकि साझेदार देशों के कारोबारियों को भारतीय ग्राहकों से डिजिटल भुगतान स्वीकार करने का अतिरिक्त विकल्प मिलता है।

उज्बेकिस्तान में UPI का रोलआउट इसी दिशा में एक और कदम है। आने वाले समय में स्थानीय भुगतान नेटवर्क के साथ UPI की कनेक्टिविटी बढ़ने से दोनों देशों के बीच पर्यटन, व्यापार और डिजिटल लेनदेन को भी बढ़ावा मिल सकता है।