June 29, 2026

कैबिनेट ने NIIF में ₹30,000 करोड़ की अतिरिक्त निवेश मंजूरी दी, इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मिलेगा बड़ा बूस्ट

Clubbing Of Income

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केंद्र सरकार ने देश में इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को तेज करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। यूनियन कैबिनेट ने नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) में ₹30,000 करोड़ की अतिरिक्त निवेश प्रतिबद्धता को मंजूरी दे दी है। इस कदम का उद्देश्य देश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देना और संस्थागत निवेश को बढ़ावा देना है।

कुल सरकारी निवेश ₹60,000 करोड़ पहुंचा

इस नए आवंटन के बाद सरकार की कुल निवेश प्रतिबद्धता NIIF में बढ़कर ₹60,000 करोड़ हो गई है। यह फंड देश के प्रमुख सेक्टरों जैसे ट्रांसपोर्ट, एनर्जी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में निवेश को तेज करेगा।

NIIF क्या है और कैसे काम करता है

NIIF भारत का एक सॉवरेन-एंकरड निवेश प्लेटफॉर्म है, जिसे National Investment and Infrastructure Fund Limited (NIIFL) मैनेज करता है। वर्तमान में यह लगभग ₹40,000 करोड़ की पूंजी विभिन्न फंड्स और निवेश रणनीतियों के तहत संभाल रहा है। अब तक यह फंड करीब ₹12,000 करोड़निवेशकों को एग्जिट के जरिए वापस भी कर चुका है।

दूसरा इंफ्रास्ट्रक्चर फंड बनेगा

सरकार की यह नई प्रतिबद्धता NIIF के दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर फंड – NIIF Infrastructure Fund II  को स्थापित करने में उपयोग होगी। इस फंड का लक्ष्य लगभग ₹30,000 करोड़ का कॉर्पस जुटाना है। यह फंड मुख्य रूप से ट्रांसपोर्ट, एनर्जी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास और ई-मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों पर फोकस करेगा।

देश के विकास मॉडल से जुड़ा निवेश

NIIF ने अब तक रोड, पोर्ट, एयरपोर्ट, रिन्यूएबल एनर्जी, हेल्थकेयर, अफोर्डेबल हाउसिंग, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निवेश किया है। यह निवेश सरकार की प्रमुख योजनाओं जैसे पीएम गति शक्ति, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप है। केंद्र सरकार का कहना है कि इस अतिरिक्त निवेश से निजी पूंजी आकर्षित होगी, रोजगार बढ़ेंगे और भारत की दीर्घकालिक आर्थिक विकास की गति को मजबूती मिलेगी।