FSSAI का बड़ा एक्शन! 14 फूड ब्रांड्स को भेजा नोटिस, ‘ऑर्गेनिक’, ‘नो ऐडेड शुगर’ और हेल्थ क्लेम्स पर सवाल
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भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश की 14 फूड कंपनियों और ब्रांड्स के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। भ्रामक विज्ञापन, गलत लेबलिंग, बिना वैज्ञानिक आधार वाले हेल्थ क्लेम्स और ग्राहकों की शिकायतों के आधार पर इन कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है। FSSAI ने कंपनियों से जवाब मांगा है और नियमों के अनुरूप जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान कई उत्पादों पर ऐसे दावे पाए गए जो खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप नहीं थे या फिर उनके समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं थे।
‘नो ऐडेड शुगर’ वाले जूस पर सवाल
फूड रेगुलेटर की जांच में प्लक्क मैंगो फ्रूट जूस के पैकेट पर “नो ऐडेड शुगर” का दावा किया गया था, लेकिन सामग्री सूची में 49% गन्ने का रस शामिल मिला। ऐसे में इस दावे पर सवाल खड़े किए गए हैं। इसी तरह रॉ प्रेसेरी के अल्फोंसो मैंगो फ्रूट ड्रिंक में सामने की ओर “नेचुरल शुगर” का उल्लेख था, जबकि पीछे दी गई जानकारी में फ्रुक्टोज को अलग से ऐडेड शुगर के रूप में शामिल पाया गया।
ऑर्गेनिक और नेचुरल दावों पर भी कार्रवाई
मास्टरचौ फूड्स के रैमन नूडल्स को “100% नेचुरल” और “फ्रेशली मेड” बताकर प्रचारित किया जा रहा था। साथ ही इसे ऑर्गेनिक फ्लोर से बना बताया गया, जबकि सामग्री सूची में मैदा (व्हाइट फ्लोर) दर्ज था। नेचुरल पनीर ब्रांड को भी नामकरण नियमों के उल्लंघन के कारण नोटिस मिला है।
हेल्थ और मेडिकल क्लेम्स बने जांच का कारण
गौर हेल्दी फूड के सिल्कन टोफू पर “विटामिन्स से भरपूर” और “कैंसर-रोधी गुण” जैसे दावे किए गए थे। FSSAI ने इन्हें नियमों के खिलाफ माना है। मेडिज़न लैब्स के व्हे प्रोटीन उत्पाद पर “प्योर एंड हेल्दी”, “100% ऑथेंटिक”, “ईजी डाइजेस्ट” और “रैपिड रिकवरी” जैसे दावों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। सफोला टोटल हार्ट प्रो कुकिंग ऑयल को लेकर भी “हार्ट प्रो”, “गुड फैट्स बैलेंस” और “लोसॉर्ब” जैसे दावों के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण मांगे गए हैं।
पानी और सप्लीमेंट कंपनियां भी घेरे में
नेक्सा इंडस्ट्रीज के “एल्कलाइन न्यूट्रिएंट वॉटर” को लेकर FSSAI ने कहा कि इस नाम की कोई मान्यता प्राप्त खाद्य श्रेणी मौजूद नहीं है। साथ ही प्रोडक्ट पर स्वास्थ्य लाभ से जुड़े कई दावे भी पाए गए। हिमालयन ऑर्गेनिक्स कोरियन जिनसेंग और इन्सिप्रो गोल्ड पाउडर वैनिला जैसे न्यूट्रास्युटिकल उत्पादों के दावों की भी जांच की जा रही है।
बीकानेरवाला और परम डेयरी पर भी कार्रवाई
बीकानेरवाला को सोशल मीडिया पर सामने आई स्वच्छता संबंधी शिकायत के बाद नोटिस जारी किया गया है। शिकायत में किचन क्षेत्र में कर्मचारी के भोजन करने का आरोप लगाया गया था। वहीं IRCTC कैटरिंग के जरिए सप्लाई होने वाले परम डेयरी के दही और रबड़ी में फंगस मिलने की शिकायतों के बाद कंपनी से विस्तृत जवाब मांगा गया है।
किन-किन ब्रांड्स को मिला नोटिस
FSSAI की कार्रवाई के दायरे में आए प्रमुख ब्रांड्स में शामिल हैं:
1 Pluckk Mango Fruit Juice No Added Sugar दावा
2 Natural Paneer लेबलिंग नियम उल्लंघन
3 Gaur Healthy Food भ्रामक हेल्थ क्लेम
4 MasterChow Foods ऑर्गेनिक और नेचुरल दावा
5 Ferrero India (Kinder Joy) मिल्क सॉलिड्स दावा
6 Medizen Labs प्रोटीन सप्लीमेंट दावे
7 Saffola Total Heart Pro हार्ट हेल्थ क्लेम
8 Orville Mountain Bawarchi लेबलिंग और मेडिकल दावा
9 Nexa Industries Alkaline Water दावा
10 Raw Pressery शुगर संबंधी दावा
11 Insipro Gold न्यूट्रास्युटिकल दावा
12 Himalayan Organics एनर्जी और परफॉर्मेंस दावा
13 Bikanervala स्वच्छता शिकायत
14 Param Dairy फंगस संबंधी शिकायत
FSSAI का ग्राहकों के लिए संदेश
FSSAI का कहना है कि खाद्य उत्पादों पर किए जाने वाले सभी दावे वैज्ञानिक प्रमाणों और निर्धारित नियमों के अनुरूप होने चाहिए। उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले दावे या गलत लेबलिंग स्वीकार नहीं की जाएगी। नियामक ने कंपनियों को चेतावनी दी है कि नियमों का पालन नहीं करने पर आगे सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
