Gold Silver Rate Today: सोने और चांदी में फिर गिरावट, एक महीने में गोल्ड ₹6 हजार और सिल्वर ₹24 हजार टूटी
सोने और चांदी में फिर गिरावट
Gold Silver की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है। 13 जुलाई 2026 को घरेलू बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव में कमी दर्ज की गई। कमजोर मांग और ग्लोबल बाजार में उतार-चढ़ाव के चलते सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक सोमवार को 24 कैरेट सोने की कीमत में 1,180 रुपए प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई। इसके बाद सोने का भाव घटकर करीब ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम रह गया। वहीं चांदी के दाम में भी कमी आई। एक किलो चांदी ₹1,668 सस्ती होकर करीब ₹2.19 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
एक महीने में सोने की चमक फीकी, 6 हजार रुपए घटे भाव
सोने की कीमतों में पिछले एक महीने में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। 14 जून 2026 को 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.48 लाख था, जो अब गिरकर 1.42 लाख रुपए के आसपास आ गया है। इस हिसाब से एक महीने के दौरान सोने की कीमत में करीब ₹6 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। चांदी में गिरावट और ज्यादा रही। 14 जून को चांदी का भाव करीब ₹2.43 लाख प्रति किलो था, जो अब घटकर ₹2.19 लाख प्रति किलो रह गया है। यानी एक महीने में चांदी करीब ₹24 हजार सस्ती हुई है।
रिकॉर्ड ऊंचाई से काफी नीचे आया सोना
साल 2026 की शुरुआत में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। 31 दिसंबर 2025 को सोने का भाव करीब ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम था। इसके बाद 29 जनवरी 2026 को सोना तेजी के साथ बढ़कर ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि इसके बाद बाजार में लगातार गिरावट आई और अब तक सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब ₹34 हजार प्रति 10 ग्राम तक नीचे आ चुका है।
चांदी ने भी बनाया था रिकॉर्ड, फिर आई बड़ी गिरावट
चांदी ने भी इस साल तेजी का नया रिकॉर्ड बनाया था। 31 दिसंबर 2025 को चांदी की कीमत करीब ₹2.30 लाख प्रति किलो थी। 29 जनवरी 2026 को चांदी ने तेजी दिखाते हुए ₹3.86 लाख प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छू लिया था। लेकिन इसके बाद कीमतों में लगातार कमजोरी आई। मौजूदा भाव रिकॉर्ड स्तर से करीब ₹1.67 लाख प्रति किलो नीचे आ चुका है।
Gold Silver की कीमतों में गिरावट की वजह क्या है?
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण माने जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बदलाव, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की रणनीति में बदलाव का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है। इसके अलावा, ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली भी कीमतों में कमी की एक बड़ी वजह रही है।
CPI Inflation: जून में खुदरा महंगाई 4.38% पर पहुंची, खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाई चिंता
आगे कैसी रह सकती है सोने-चांदी की चाल?
बाजार विशेषज्ञों की नजर अब वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल पर है। सोना और चांदी दोनों ही सुरक्षित निवेश विकल्प माने जाते हैं इसलिए किसी भी बड़े वैश्विक बदलाव का असर इनकी कीमतों पर तुरंत दिखाई दे सकता है। खरीदारों के लिए मौजूदा गिरावट राहत लेकर आई है जबकि निवेशक आगे की दिशा को लेकर बाजार पर नजर बनाए हुए हैं।
