Crude Oil Falls: कच्चे तेल में बड़ी गिरावट से IndiGo, HPCL और BPCL के शेयरों में तेजी, ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर प्रति बैरल पर आया
Crude Oil
अंतरराष्ट्रीय बाजार में Crude Oil की कीमतों में लगातार गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। बुधवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत युद्ध-पूर्व स्तर के करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई जिसके बाद तेल और एविएशन सेक्टर से जुड़े शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। कच्चे तेल के सस्ता होने से सबसे ज्यादा फायदा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) और एयरलाइंस कंपनियों को होने की उम्मीद है। इसी वजह से निवेशकों ने इन शेयरों में जोरदार दिलचस्पी दिखाई।
HPCL, BPCL और IOC के शेयरों में बढ़त
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। HPCL का शेयर करीब 0.82% बढ़कर ₹416.30 पर पहुंच गया। वहीं BPCL के शेयर में 0.43% की तेजी रही और यह ₹317.05 पर कारोबार करता दिखा। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) का शेयर भी 0.23% चढ़कर ₹146.64 के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से इन कंपनियों की रिफाइनिंग और मार्केटिंग मार्जिन बेहतर हो सकती है, जिससे इनके मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
IndiGo और SpiceJet में जोरदार खरीदारी
तेल की कीमतों में गिरावट का सबसे बड़ा फायदा एयरलाइंस कंपनियों को मिलता है, क्योंकि एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) उनकी परिचालन लागत का बड़ा हिस्सा होता है। इसी उम्मीद में इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) का शेयर करीब 3.12% उछलकर ₹5,369.90 पर पहुंच गया। वहीं SpiceJet के शेयर में भी 2.44% की बढ़त दर्ज की गई और यह ₹12.57 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। विश्लेषकों के अनुसार ईंधन लागत घटने से एयरलाइंस कंपनियों के मार्जिन में सुधार हो सकता है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत होने की संभावना बढ़ जाती है।
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Crude Oil 72 डॉलर के करीब पहुंचा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत में 1.5% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 72.4 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 1.4% से अधिक गिरकर लगभग 69.3 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे पहले भी पिछले कारोबारी सत्र में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 4% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। बाजार में सप्लाई को लेकर चिंताओं में कमी और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों ने तेल की कीमतों पर दबाव बनाया है।
वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा स्तरों पर बनी रहती हैं या इसमें और गिरावट आती है, तो तेल मार्केटिंग कंपनियों और एयरलाइंस सेक्टर के शेयरों में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और मध्य पूर्व की स्थिति पर बाजार की नजर बनी रहेगी, क्योंकि किसी भी नए तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी आ सकती है।
