July 18, 2026

ITR E-Verification Rule 2026: सिर्फ ITR फाइल करना काफी नहीं, 30 दिन के अंदर करें E-Verification; वरना हो सकता है नुकसान

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अगर आपने Income Tax Return (ITR) फाइल कर दिया है तो सिर्फ इतना करना ही पर्याप्त नहीं है। रिटर्न दाखिल करने के बाद उसे 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफाई (E-Verify) करना भी जरूरी है। अगर तय समय सीमा के भीतर ई-वेरिफिकेशन नहीं किया जाता तो आयकर विभाग आपके रिटर्न को अमान्य (Invalid) मान सकता है। ऐसी स्थिति में टैक्स रिफंड में देरी हो सकती है और आपको वही परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं जो ITR दाखिल नहीं करने पर होते हैं।

AY 2026-27 के लिए ITR फाइल करने की अंतिम तारीख

आकलन वर्ष 2026-27 (Assessment Year 2026-27) के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 है। टैक्सपेयर्स आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर PAN और पासवर्ड की मदद से लॉग इन करके ITR फाइल कर सकते हैं। पहली बार रिटर्न भरने वाले लोगों को PAN, Aadhaar और अन्य जरूरी जानकारी के साथ रजिस्ट्रेशन करना होगा। विशेषज्ञों की सलाह है कि अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते रिटर्न दाखिल कर देना चाहिए ताकि तकनीकी समस्या या गलती से बचा जा सके।

ITR का ई-वेरिफिकेशन क्यों जरूरी है?

ITR फाइल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन करना अनिवार्य है। यदि 30 दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती, तो आयकर विभाग रिटर्न को अधूरा या अमान्य मान सकता है। इसके कारण:

  • टैक्स रिफंड में देरी हो सकती है।
  • ITR की प्रोसेसिंग रुक सकती है।
  • रिटर्न दाखिल नहीं करने जैसी स्थिति बन सकती है।

ऑनलाइन ITR E-Verification कैसे करें?

ITR का ई-वेरिफिकेशन ऑनलाइन कुछ आसान स्टेप्स में किया जा सकता है।

स्टेप 1 : आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करें।

स्टेप 2 : ‘e-Verify Return’ विकल्प चुनें।

स्टेप 3 : PAN, Assessment Year और Acknowledgement Number दर्ज करें या अपने अकाउंट में लॉग इन करें।

स्टेप 4 : My Account में जाकर e-Verify Return पर क्लिक करें।

स्टेप 5 : सिस्टम उन ITR की सूची दिखाएगा जिनका वेरिफिकेशन बाकी है। यहां e-Verify पर क्लिक करें।

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ई-वेरिफिकेशन के तरीके

आप निम्न माध्यमों से ITR ई-वेरिफाई कर सकते हैं:

  • Aadhaar OTP
  • Net Banking
  • Electronic Verification Code (EVC)
  • बैंक अकाउंट के जरिए EVC
  • Demat Account EVC
  • चुनिंदा बैंकों के ATM से जनरेट EVC

सफल ई-वेरिफिकेशन के बाद स्क्रीन पर कन्फर्मेशन मैसेज और Transaction ID दिखाई देगा। साथ ही रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर पुष्टि का ईमेल भी भेजा जाएगा।

क्या कोई दूसरा व्यक्ति भी ITR वेरिफाई कर सकता है?

यदि किसी करदाता ने अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त किया है तो वह भी निर्धारित माध्यमों से ITR का ई-वेरिफिकेशन कर सकता है।

30 दिन में ई-वेरिफिकेशन नहीं किया तो क्या होगा?

अगर तय समय के भीतर ई-वेरिफिकेशन नहीं किया जाता तो आयकर विभाग ITR को दाखिल नहीं माना जाएगा। ऐसी स्थिति में:

  • रिटर्न अमान्य हो सकता है।
  • टैक्स रिफंड अटक सकता है।
  • अन्य कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि अगर किसी कारणवश समय सीमा निकल जाती है तो करदाता Condonation of Delay के लिए आवेदन कर सकता है। आयकर विभाग यदि इस अनुरोध को स्वीकार कर लेता है, तभी देर से किया गया ई-वेरिफिकेशन मान्य होगा।

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समय पर ई-वेरिफिकेशन करना क्यों है जरूरी?

ITR फाइल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन करना पूरी प्रक्रिया का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यदि यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होती, तो आपकी पूरी मेहनत बेकार हो सकती है। इसलिए रिटर्न फाइल करने के तुरंत बाद उसका ई-वेरिफिकेशन भी जरूर करें।