August 9, 2026

Mutual Fund: FY26 में 731 स्कीम्स का रिटर्न रहा निगेटिव, 10% से ज्यादा रिटर्न देने वाली योजनाएं घटकर 198 हुईं

Mutual Fund

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Mutual Fund निवेशकों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 यानी FY26 का प्रदर्शन पिछले साल के मुकाबले कमजोर रहा। Securities and Exchange Board of India यानी SEBI की Annual Report 2025-26 में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान निगेटिव रिटर्न देने वाली म्यूचुअल फंड स्कीम्स की संख्या करीब तीन गुना बढ़ गई। FY25 में जहां 243 स्कीम्स का सालाना रिटर्न निगेटिव रहा था, वहीं FY26 में यह संख्या बढ़कर 731 हो गई। दूसरी ओर 10% से ज्यादा रिटर्न देने वाली योजनाओं की संख्या भी 304 से घटकर सिर्फ 198 रह गई। SEBI ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि FY26 में म्यूचुअल फंड स्कीम्स के रिटर्न का वितरण बाजार के अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन को दर्शाता है।

निगेटिव रिटर्न वाली स्कीम्स में बड़ा उछाल

FY26 में निगेटिव रिटर्न देने वाली म्यूचुअल फंड योजनाओं की संख्या में अलग-अलग कैटेगरी में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली।

  • 10% या उससे ज्यादा निगेटिव रिटर्न वाली स्कीम्स की संख्या FY25 में 30 थी, जो FY26 में बढ़कर 93 हो गई।
  • इसी तरह -10% से -5% के बीच रिटर्न वाली योजनाएं 41 से बढ़कर 146 हो गईं।
  • सबसे ज्यादा बढ़ोतरी -5% से 0% रिटर्न वाली स्कीम्स में हुई। इनकी संख्या 172 से बढ़कर 492 हो गई।

इन तीनों कैटेगरी को मिलाने पर FY26 में कुल 731 स्कीम्स निगेटिव रिटर्न वाली रहीं, जबकि FY25 में इनकी संख्या 243 थी।

10% से ज्यादा रिटर्न देने वाली स्कीम्स भी घटीं

FY26 में सिर्फ निगेटिव रिटर्न वाली योजनाओं की संख्या ही नहीं बढ़ी, बल्कि बेहतर रिटर्न देने वाली स्कीम्स की संख्या में भी कमी आई। FY25 में 10% से ज्यादा रिटर्न देने वाली 304 म्यूचुअल फंड स्कीम्स थीं। FY26 में इनकी संख्या घटकर 198 रह गई। यानी एक साल में 10% से ज्यादा रिटर्न देने वाली योजनाओं की संख्या में 106 की कमी आई। SEBI के मुताबिक यह गिरावट बाजार में उतार-चढ़ाव और अपेक्षाकृत कमजोर रिटर्न वाले माहौल को दिखाती है।

  • 5% से 10% रिटर्न वाली योजनाएं भी कम हुईं
  • FY25 में 5% से 10% के बीच रिटर्न देने वाली 852 स्कीम्स थीं। FY26 में यह संख्या घटकर 539 रह गई।
  • इसके उलट 0% से 5% के बीच रिटर्न देने वाली योजनाओं की संख्या बढ़ी। FY25 में इस कैटेगरी में 218 स्कीम्स थीं, जो FY26 में बढ़कर 373 हो गईं।

इससे साफ है कि FY26 में ज्यादा संख्या में योजनाएं मामूली सकारात्मक रिटर्न या निगेटिव रिटर्न वाली कैटेगरी में चली गईं।

FY26 में कितनी स्कीम्स ने कैसा रिटर्न दिया?

SEBI की रिपोर्ट में Direct Plan Growth Option वाली स्कीम्स के Annual Returns का आंकड़ा दिया गया है। इसके मुताबिक:

  • -10% या इससे कम: 93 स्कीम्स
  • -10% से -5%: 146 स्कीम्स
  • -5% से 0%: 492 स्कीम्स
  • 0% से 5%: 373 स्कीम्स
  • 5% से 10%: 539 स्कीम्स
  • 10% से ज्यादा: 198 स्कीम्स

इन आंकड़ों से पता चलता है कि FY26 में 10% से ज्यादा रिटर्न देने वाली योजनाओं की तुलना में कम रिटर्न या निगेटिव रिटर्न वाली योजनाओं की संख्या काफी ज्यादा रही।

नई Mutual Fund स्कीम्स की लॉन्चिंग लगभग स्थिर

कमजोर रिटर्न के बावजूद FY26 में नई म्यूचुअल फंड योजनाओं की लॉन्चिंग में बहुत बड़ा बदलाव नहीं हुआ। FY26 में कुल 246 नई स्कीम्स लॉन्च हुईं, जबकि FY25 में इनकी संख्या 247 थी। इनमें 244 Open-ended और दो Close-ended schemes थीं। Open-ended schemes में Debt-oriented funds की लॉन्चिंग 10 से बढ़कर 16 हुई। वहीं Equity-oriented fund launches 70 से घटकर 63 रह गए। Hybrid fund launches की संख्या 12 से बढ़कर 15 हो गई।

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Fund of Funds की लॉन्चिंग में बड़ी बढ़ोतरी

FY26 में Domestic Fund of Funds यानी FoF की लॉन्चिंग में काफी तेजी देखने को मिली। FY25 में जहां सिर्फ 14 Domestic FoFs लॉन्च हुए थे, वहीं FY26 में यह संख्या बढ़कर 49 हो गई। दूसरी ओर अन्य कैटेगरी की योजनाओं की लॉन्चिंग की संख्या दोनों वित्त वर्षों में 150 रही।

म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या बढ़ी

रिटर्न के मोर्चे पर कमजोर प्रदर्शन के बावजूद म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के निवेशक आधार में अच्छी बढ़ोतरी हुई। FY26 में Unique Mutual Fund Investors की संख्या 13.2% बढ़कर 6.1 करोड़ हो गई। FY25 में यह संख्या करीब 5.4 करोड़ थी। यानी बाजार में उतार-चढ़ाव और कई योजनाओं के कमजोर रिटर्न के बावजूद म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों की संख्या बढ़ती रही।

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निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?

SEBI के आंकड़े बताते हैं कि किसी एक वित्त वर्ष में म्यूचुअल फंड का प्रदर्शन बाजार की परिस्थितियों के आधार पर काफी बदल सकता है। FY26 में बड़ी संख्या में योजनाओं का रिटर्न निगेटिव रहा, जबकि 10% से ज्यादा रिटर्न देने वाली योजनाओं की संख्या कम हुई। इसलिए सिर्फ किसी एक साल के रिटर्न को देखकर म्यूचुअल फंड का चुनाव करना उचित नहीं माना जाता। निवेश से पहले फंड का ट्रैक रिकॉर्ड, जोखिम, निवेश रणनीति, खर्च और अपने वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है। साथ ही, म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़े निवेश हैं और इनमें रिटर्न की गारंटी नहीं होती। SEBI के FY26 के आंकड़े इसी बात को दिखाते हैं कि बाजार की स्थिति बदलने पर अलग-अलग योजनाओं का प्रदर्शन भी काफी अलग हो सकता है।