Brent Crude Today: US-ईरान तनाव कम होने से कच्चे तेल में तेजी, ब्रेंट क्रूड फिर 73 डॉलर के करीब पहुंचा
Brent Crude
अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य तनाव कम होने के संकेत मिलने के बाद सोमवार को अंतरराष्ट्रीय Brent Crude की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली। दोनों देशों के बीच आगे हमले रोकने पर सहमति बनने और बातचीत की खबरों से निवेशकों का भरोसा लौटा, जिसके चलते ब्रेंट क्रूड और WTI दोनों में बढ़त दर्ज की गई।
Brent Crude $73 के पार, WTI भी मजबूत
सोमवार के कारोबार में ब्रेंट क्रूड करीब 1.9% तक उछलकर 73.39 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद से बाजार में राहत का माहौल बना है।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की तैयारी
रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान ने फिलहाल एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों की मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में बैठक होने की संभावना है, जहां आगे की स्थिति पर चर्चा की जाएगी। इस खबर के बाद बाजार को उम्मीद है कि क्षेत्र में हालात और नहीं बिगड़ेंगे, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ने की आशंका फिलहाल कम हुई है।
होर्मुज स्ट्रेट पर हमले से बढ़ी थी चिंता
तेल बाजार में हालिया उतार-चढ़ाव की बड़ी वजह होर्मुज स्ट्रेट के पास हुआ हमला रहा। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर जा रहे विशाल तेल टैंकर Kiku को इस रणनीतिक समुद्री मार्ग के पास निशाना बनाया गया था। हमले के बाद कई जहाजों ने अपनी यात्रा रोक दी या मार्ग बदल दिया था जिससे ग्लोबल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
जहाजों की आवाजाही अभी भी सतर्कता के साथ जारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही जारी है, लेकिन कई शिपिंग कंपनियां अब भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। फारस की खाड़ी से बाहर निकलने के इंतजार में अभी भी सैकड़ों जहाज मौजूद हैं।
सऊदी अरब में भी सामने आई एक और घटना
इसी बीच सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco के एक हेलीकॉप्टर के रस तनुरा के पास दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर भी सामने आई। हालांकि अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि दुर्घटना का कारण क्या था और इससे तेल उत्पादन या सप्लाई पर कोई असर पड़ा है या नहीं।
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बाजार की नजर अब दोहा वार्ता पर
फिलहाल ग्लोबल कमोडिटी बाजार की नजर अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी है। यदि दोनों देशों के बीच तनाव और कम होता है तो तेल की कीमतों में स्थिरता देखने को मिल सकती है। वहीं किसी नए सैन्य घटनाक्रम की स्थिति में बाजार में फिर तेज उतार-चढ़ाव संभव है।
