SEBI के फैसले से Reliance Infrastructure के शेयर में 5% की गिरावट, अनिल अंबानी की सेटलमेंट याचिका खारिज
Reliance infrastructure
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन Reliance Infrastructure के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। सोमवार को कंपनी का शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 5% तक टूट गया। गिरावट की सबसे बड़ी वजह भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) का वह फैसला रहा जिसमें नियामक ने अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों की सेटलमेंट याचिका खारिज कर दी। SEBI के इस कदम के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई जिसका असर सीधे कंपनी के शेयर पर दिखाई दिया।
शुरुआती कारोबार में 5% तक टूटा शेयर
सोमवार को Reliance Infrastructure का शेयर ₹77.48 के पिछले बंद भाव के मुकाबले ₹73.61 पर खुला और कारोबार के दौरान करीब 5% फिसल गया। हाल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो-
- पिछले 1 सप्ताह में करीब 5% गिरावट
- साल 2026 में अब तक लगभग 53% कमजोर
- पिछले एक वर्ष में करीब 83% तक गिरावट
- हालांकि पिछले एक महीने में शेयर ने करीब 15% की तेजी भी दिखाई है
फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹3,008 करोड़ के आसपास है।
SEBI ने क्यों खारिज की सेटलमेंट याचिका?
SEBI ने अनिल अंबानी और Reliance Infrastructure समूह की ओर से दायर सेटलमेंट आवेदन स्वीकार करने से इनकार कर दिया। बाजार नियामक का आरोप है कि कंपनी के करीब ₹6,526 करोड़ ऐसे संस्थानों तक पहुंचाए गए, जिनका संबंध नियंत्रणकारी शेयरधारक अनिल अंबानी से था। SEBI का मानना है कि इन फंड्स का इस्तेमाल कंपनी और सार्वजनिक शेयरधारकों के हितों के बजाय निजी लाभ के लिए किया गया हो सकता है। इसी मामले में सेटलमेंट की मांग की गई थी लेकिन नियामक ने इसे मंजूर नहीं किया।
पिछले डेढ़ साल से बढ़ी है जांच
अनिल अंबानी समूह पिछले लगभग 18 महीनों से विभिन्न नियामक एजेंसियों और जांच संस्थाओं की निगरानी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक-
- समूह के कई अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
- कुछ संपत्तियां भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दायरे में आई हैं।
हालांकि समूह और संबंधित अधिकारियों ने सभी आरोपों से इनकार किया है और मामले फिलहाल अदालतों में लंबित हैं।
Reliance Infrastructure का कारोबार
Reliance Infrastructure अनिल अंबानी समूह (ADAG) की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में कारोबार करती है। इसके अलावा कंपनी Reliance Power में भी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखती है। बीते वर्षों में शेयर ने निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न भी दिए थे लेकिन हाल के महीनों में नियामकीय चुनौतियों और कमजोर निवेशक धारणा के चलते इसमें भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
निवेशकों की नजर आगे की कार्रवाई पर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़ी कानूनी और नियामकीय गतिविधियां Reliance Infrastructure के शेयर पर असर डाल सकती हैं। निवेशक अब SEBI की आगे की कार्रवाई और अदालत में चल रहे मामलों पर नजर बनाए हुए हैं।
