June 28, 2026

Persistent Systems का बड़ा दांव: Nagarro को खरीदने की तैयारी, बनेगा $2.9 अरब का IT दिग्गज

persistent systems

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भारतीय IT कंपनी Persistent Systems ने जर्मनी की डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी Nagarro SE को खरीदने के लिए स्वैच्छिक पब्लिक टेकओवर ऑफर पेश किया है। यह डील सफल होती है तो यह भारतीय आईटी कंपनियों के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय अधिग्रहणों में से एक होगी।

$2.9 अरब का IT पावरहाउस बनाने की तैयारी

इस अधिग्रहण के बाद बनने वाली संयुक्त कंपनी का अनुमानित वार्षिक राजस्व करीब $2.9 बिलियन होगा। साथ ही दुनिया भर के 40 से ज्यादा देशों में 46,000 से अधिक कर्मचारी इस कंपनी का हिस्सा बनेंगे। Persistent Systems की ग्लोबल पहुंच भी काफी बढ़ जाएगी खासकर यूरोप में इसकी स्थिति मजबूत होगी।

भारत और दुनिया में बड़ी मौजूदगी

नई संयुक्त कंपनी में कर्मचारियों का वितरण इस तरह होगा:

  • भारत: 37,000+ कर्मचारी
  • उत्तरी अमेरिका: 3,500+ कर्मचारी
  • यूरोप: 3,000+ कर्मचारी

इससे Persistent Systems का ग्लोबल नेटवर्क काफी मजबूत हो जाएगा।

Nagarro के शेयरधारकों को बड़ा प्रीमियम ऑफर

Persistent ने Nagarro के शेयरधारकों को मौजूदा बाजार मूल्य पर करीब:

140% प्रीमियम (25 जून 2026 के क्लोजिंग प्राइस पर) और लगभग 94% प्रीमियम (3 महीने के औसत मूल्य पर) का ऑफर दिया है। कंपनी पहले ही Nagarro में लगभग 21% हिस्सेदारी सुरक्षित कर चुकी है।

बड़े शेयरधारकों और बोर्ड का समर्थन

Nagarro के प्रमुख शेयरधारक Lantano Beteiligungen GmbH ने अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने पर सहमति दे दी है। इसके अलावा कंपनी के मैनेजमेंट और सुपरवाइजरी बोर्ड ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है और शेयरधारकों से इसे स्वीकार करने की सिफारिश की है।

डील पूरी होने पर बदल जाएगा बिजनेस स्ट्रक्चर

इस अधिग्रहण के बाद Persistent का रेवेन्यू और ग्लोबल बिजनेस स्ट्रक्चर पूरी तरह बदल जाएगा।

  • यूरोप का योगदान 9% से बढ़कर 22% हो जाएगा
  • उत्तरी अमेरिका अभी भी सबसे बड़ा बाजार रहेगा (लगभग 62%)
  • कंपनी का टारगेट मार्केट $1.4 ट्रिलियन से अधिक हो जाएगा

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मंजूरी और नियमों पर निर्भर डील

यह डील तभी आगे बढ़ेगी जब Nagarro के कम से कम 50% + 1 शेयरधारक इसे स्वीकार करेंगे। इसके बाद इसे जर्मनी के रेगुलेटर BaFin की मंजूरी भी लेनी होगी। डील पूरी होने के बाद Persistent, Nagarro को फ्रैंकफर्ट स्टॉक एक्सचेंज से डीलिस्ट करने की योजना बना रही है।

AI और डिजिटल युग में स्केल बढ़ाना

Nagarro के CEO ने कहा कि AI के इस नए दौर में वही कंपनियां आगे बढ़ेंगी जिनके पास मजबूत डिजिटल और डेटा क्षमता होगी। इस अधिग्रहण से दोनों कंपनियां मिलकर बड़ी टेक ताकत बन सकती हैं।

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Persistent Systems की मौजूदा स्थिति

FY26 में Persistent Systems का रेवेन्यू $1.654 बिलियन रहा जबकि मार्च 2026 तिमाही में यह $436 मिलियन रहा। कंपनी का लक्ष्य मार्च 2027 तक इसे $500 मिलियन प्रति तिमाही तक ले जाना है।