SBI Funds Management: 14 जुलाई को खुलेगा IPO, SBI और Amundi बेचेंगे 10% हिस्सेदारी
SBI Funds Management
देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल SBI Funds Management (SBIFM) ने अपने प्रस्तावित IPO के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है। State Bank of India (SBI) ने बुधवार को रेगुलेटरी फाइलिंग के जरिए इसकी जानकारी दी। SBI Funds Management का IPO पूरी तरह Offer For Sale (OFS) होगा। यानी कंपनी को इस सार्वजनिक पेशकश से कोई नया फंड नहीं मिलेगा बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
IPO में 20.37 करोड़ शेयरों की होगी बिक्री
SBI Funds Management के IPO में कुल 203.71 मिलियन (करीब 20.37 करोड़) इक्विटी शेयरों की बिक्री की जाएगी। यह कंपनी की पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल का करीब 10% हिस्सा है। OFS के तहत SBI अपनी करीब 12.83 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री करेगा, जो कंपनी में लगभग 6% हिस्सेदारी के बराबर है। Amundi India Holding करीब 7.53 करोड़ शेयर बेचेगा, जो लगभग 3.70% हिस्सेदारी के बराबर है।
14 जुलाई से शुरू होगी IPO में बोली
SBI Funds Management IPO के लिए सब्सक्रिप्शन विंडो 14 जुलाई 2026 (मंगलवार) को खुलेगी और 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को बंद होगी। इससे पहले 13 जुलाई को एंकर निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) के लिए बोली प्रक्रिया 15 जुलाई तक जारी रहेगी। कंपनी की ओर से IPO का प्राइस बैंड, लॉट साइज और इश्यू साइज की अंतिम जानकारी जल्द जारी की जाएगी।
IPO से SBI Funds Management को नहीं मिलेगा पैसा
क्योंकि यह IPO पूरी तरह Offer For Sale आधारित है इसलिए इससे मिलने वाली पूरी राशि शेयर बेचने वाले मौजूदा निवेशकों को जाएगी। SBI Funds Management के पास IPO से कोई नई पूंजी नहीं आएगी। IPO को बाजार की स्थिति, जरूरी रेगुलेटरी मंजूरी और अन्य प्रक्रियाओं के आधार पर अंतिम मंजूरी मिलेगी।
FY26 में कंपनी ने कमाए ₹4,969 करोड़
वित्त वर्ष 2025-26 में SBI Funds Management ने ₹4,969 करोड़ का कुल आय (Total Income) दर्ज किया। यह SBI ग्रुप की कुल आय का करीब 0.70% हिस्सा है। SBI Funds Management की स्थापना वर्ष 1992 में हुई थी। यह कंपनी देश के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड SBI Mutual Fund का संचालन करती है।
देश की सबसे बड़ी AMC है SBIFM
SBI Funds Management एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) के आधार पर भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) है। यह State Bank of India और Amundi का जॉइंट वेंचर है। IPO के बाद यह कंपनी शेयर बाजार में लिस्टेड एसेट मैनेजमेंट कंपनियों की सूची में शामिल हो जाएगी। इस सूची में पहले से HDFC Asset Management Company और ICICI Prudential Asset Management Company जैसी कंपनियां मौजूद हैं।
IPO मार्केट में फिर लौटी तेजी
साल 2026 की शुरुआत में सुस्त रहने के बाद पिछले कुछ हफ्तों में IPO बाजार में फिर तेजी देखने को मिली है। जून महीने में SME सहित कुल 22 कंपनियों ने शेयर बाजार में लिस्टिंग की जबकि 16 अन्य कंपनियां भी बाजार में सूचीबद्ध हो चुकी हैं। इससे प्राइमरी मार्केट में निवेशकों की बढ़ती रुचि का संकेत मिल रहा है। Trendlyne के आंकड़ों के अनुसार 2025 के पहले सात महीनों में 151 कंपनियां लिस्ट हुई थीं, जबकि 2026 में अब तक यह आंकड़ा 121 कंपनियों तक पहुंच चुका है।
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लिस्टिंग के बाद बढ़ेगी AMC सेक्टर की प्रतिस्पर्धा
SBI Funds Management की लिस्टिंग के बाद भारतीय शेयर बाजार में एसेट मैनेजमेंट सेक्टर की प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है। निवेशकों की नजर अब IPO के प्राइस बैंड, वैल्यूएशन और लिस्टिंग प्रदर्शन पर रहेगी।
