Adani Group AGM : गौतम अडाणी के 3 बड़े ऐलान, कर्मचारियों से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक नया रोडमैप
Adani AGM 2026
Adani Group की वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन गौतम अडाणी ने भविष्य की रणनीति को लेकर कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि समूह अब केवल मौजूदा जरूरतों पर काम नहीं कर रहा बल्कि आने वाले वर्षों की आर्थिक और तकनीकी चुनौतियों को ध्यान में रखकर अपनी तैयारियां मजबूत कर रहा है। इसी दिशा में ग्रुप ने तीन अहम पहलों की घोषणा की है, जिनका मकसद कामकाज को अधिक प्रभावी बनाना, निर्णय प्रक्रिया को तेज करना और कर्मचारियों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है।
मैनेजमेंट स्ट्रक्चर होगा सरल
गौतम अडाणी ने बताया कि समूह के विभिन्न कारोबारों में कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नया 3-लेयर मैनेजमेंट मॉडल लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य अनावश्यक प्रक्रियाओं को कम करना, जवाबदेही बढ़ाना और निर्णय लेने की गति को तेज करना है। कंपनी का मानना है कि इससे प्रोजेक्ट्स के निष्पादन में तेजी आएगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
पार्टनर्स और कॉन्ट्रैक्टर्स को मिलेगा ज्यादा सहयोग
ग्रुप ने अपने लंबे समय से जुड़े कॉन्ट्रैक्टर्स और बिजनेस पार्टनर्स को लेकर भी नई रणनीति बनाई है। अडाणी ने कहा कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भागीदारी निभाने वाले सहयोगियों को ज्यादा सक्षम बनाया जाएगा ताकि वे बेहतर गुणवत्ता, पारदर्शिता और गति के साथ काम पूरा कर सकें। समूह का लक्ष्य अपने पूरे सप्लाई नेटवर्क को मजबूत करना है।
Adani Group का कर्मचारियों के कल्याण पर विशेष जोर
अडाणी ग्रुप के विभिन्न प्रोजेक्ट्स और इकाइयों में करीब 4 लाख लोग काम करते हैं। इनमें से अधिकांश कर्मचारी औद्योगिक इकाइयों और प्रोजेक्ट साइट्स पर तैनात हैं। समूह ने कर्मचारियों के लिए बेहतर आवास, गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और उचित वेतन सुनिश्चित करने पर विशेष फोकस करने की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि हर कर्मचारी के सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
FY26 में 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश
गौतम अडाणी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान समूह ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में 1.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश किया। यह भारत के कुल निजी क्षेत्र के पूंजीगत निवेश का बड़ा हिस्सा है। उन्होंने कहा कि लगातार निगरानी और चुनौतियों के बावजूद समूह ने अपनी विस्तार योजनाओं को जारी रखा है।
डिफेंस और एयरोस्पेस कारोबार में बढ़ेगा विस्तार
अडाणी ग्रुप अब डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में भी अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है। कंपनी देश में एक व्यापक एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, रिपेयर, मेंटेनेंस, ट्रेनिंग और अन्य सेवाएं शामिल होंगी। समूह ने दावा किया कि उसके ड्रोन और डिफेंस सिस्टम हालिया सैन्य अभियानों में उपयोगी साबित हुए हैं।
डेटा सेंटर और डिजिटल कारोबार पर बड़ा दांव
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी ग्रुप ने महत्वाकांक्षी योजनाएं साझा की हैं। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 3 गीगावॉट क्षमता वाला डेटा सेंटर नेटवर्क तैयार करना है। इसी दिशा में विशाखापत्तनम में बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए गूगल के साथ साझेदारी की गई है। यह परियोजना भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम को सपोर्ट करेगी।
पावर और न्यूक्लियर एनर्जी में विस्तार
अडाणी पावर अगले पांच वर्षों में अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 45 गीगावॉट करने की तैयारी में है। इसके लिए करीब 2 लाख करोड़ रुपए के निवेश की योजना बनाई गई है। इसके अलावा समूह भूटान में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े निवेश की संभावनाओं पर काम कर रहा है।
पोर्ट और एयरपोर्ट कारोबार में मजबूत प्रदर्शन
ग्रुप के पोर्ट कारोबार ने वित्त वर्ष 2026 में 500 मिलियन टन से ज्यादा कार्गो हैंडल किया। कंपनी ने 2030 तक इस आंकड़े को 1 बिलियन टन तक पहुंचाने का लक्ष्य दोहराया है। वहीं एयरपोर्ट कारोबार में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और गुवाहाटी एयरपोर्ट टर्मिनल जैसे प्रोजेक्ट्स तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
वित्तीय स्थिति भी हुई मजबूत
AGM में साझा आंकड़ों के अनुसार, अडाणी ग्रुप का कुल मार्केट कैप करीब 20 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। समूह ने वित्त वर्ष 2026 में 94,834 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड EBITDA दर्ज किया। कंपनी के पास 55,852 करोड़ रुपए का नकद भंडार है और उधारी की औसत लागत भी घटकर 7.8% पर आ गई है। गौतम अडाणी ने कहा कि समूह का लक्ष्य केवल कारोबार बढ़ाना नहीं बल्कि ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी प्लेटफॉर्म तैयार करना है जो भारत की आर्थिक प्रगति में लंबे समय तक योगदान दे सकें।
