SCSS Scheme: ₹30 लाख जमा करने पर हर महीने मिल सकती है ₹20,500 की नियमित आय, जानिए पूरा गणित
SCSS
रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी चुनौती नियमित आय बनाए रखना होती है। ऐसे में सरकार की Senior Citizens Savings Scheme (SCSS) वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्प मानी जाती है। यह योजना बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर निश्चित ब्याज के साथ नियमित आय उपलब्ध कराती है। फिलहाल अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए इस योजना पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। सरकार हर तिमाही ब्याज दर की समीक्षा करती है इसलिए जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए नई दरों की घोषणा अलग से की जाएगी।
SCSS की प्रमुख विशेषताएं
इस योजना में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पात्र वरिष्ठ नागरिक निवेश कर सकते हैं। जिसमें
- ब्याज दर – 8.2% सालाना
- अधिकतम निवेश – ₹30 लाख
- मैच्योरिटी – 5 वर्ष
- विस्तार मैच्योरिटी के बाद – 3 वर्ष
- ब्याज भुगतान – हर तिमाही
₹30 लाख निवेश करने पर कितना मिलेगा?
यदि कोई वरिष्ठ नागरिक SCSS में अधिकतम ₹30 लाख का निवेश करता है और ब्याज दर 8.2% रहती है, तो उसकी आय कुछ इस प्रकार होगी।
- निवेश राशि ₹30,00,000
- ब्याज दर 8.2%
- सालाना ब्याज ₹2,46,000
- तिमाही ब्याज ₹61,500
- औसत मासिक आय ₹20,500
यानी निवेशक को हर तीन महीने में ₹61,500 मिलेंगे, जो औसतन ₹20,500 प्रति माह की आय के बराबर है। इससे रोजमर्रा के खर्च, बिजली-पानी के बिल और अन्य घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
₹15 लाख निवेश करने पर कितना मिलेगा?
अगर कोई निवेशक ₹15 लाख जमा करता है तो ब्याज की गणना इस प्रकार होगी।
- निवेश राशि – ₹15,00,000
- सालाना ब्याज – ₹1,23,000
- तिमाही ब्याज – ₹30,750
- औसत मासिक आय – ₹10,250
- निवेश राशि जितनी अधिक होगी नियमित आय भी उसी अनुपात में बढ़ेगी।
पति-पत्नी मिलकर कमा सकते हैं ₹41,000 महीने के बराबर
SCSS में निवेश की सीमा प्रति PAN ₹30 लाख है। ऐसे में यदि पति और पत्नी दोनों पात्र हैं और दोनों अपने-अपने नाम से ₹30-30 लाख निवेश करते हैं, तो कुल निवेश ₹60 लाख हो जाएगा।
- कुल निवेश – ₹60,00,000
- सालाना ब्याज – ₹4,92,000
- तिमाही भुगतान – ₹1,23,000
- औसत मासिक आय – ₹41,000
हालांकि ब्याज का भुगतान हर तिमाही किया जाता है, लेकिन औसत मासिक आय लगभग ₹41,000 बैठती है।
टैक्स से जुड़े नियम
SCSS में किया गया निवेश पुराने टैक्स सिस्टम (Old Tax Regime) के तहत Section 80C के अंतर्गत निर्धारित सीमा तक टैक्स छूट के लिए पात्र हो सकता है। हालांकि इस योजना से मिलने वाला ब्याज निवेशक की आय के अनुसार टैक्स के दायरे में आता है। इसलिए निवेश से पहले अपनी टैक्स देनदारी को भी ध्यान में रखना चाहिए।
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SCSS है वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर विकल्प
रिटायरमेंट के बाद अधिकांश लोगों की नियमित आय सीमित हो जाती है। ऐसे में SCSS जैसी सरकारी योजना निश्चित ब्याज और नियमित कैश फ्लो उपलब्ध कराती है। इसके साथ ही मूल निवेश भी सुरक्षित रहता है, क्योंकि यह भारत सरकार समर्थित योजना है। जो वरिष्ठ नागरिक बिना ज्यादा जोखिम के नियमित आय चाहते हैं, उनके लिए यह योजना एक अच्छा विकल्प मानी जाती है।
