June 28, 2026

8th Pay Commission: 2.10 तक पहुंच सकता है फिटमेंट फैक्टर, केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद

8th Pay Commission

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केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है। लखनऊ में आयोग की बैठकों के बाद कर्मचारियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को लेकर हो रही है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि अगर मौजूदा परिस्थितियों को आधार बनाया जाए तो फिटमेंट फैक्टर 2.05 से 2.10 के बीच तय हो सकता है। हालांकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

8th Pay Commission में माना जा रहा है 2.10 फिटमेंट फैक्टर

ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल का कहना है कि यदि 31 दिसंबर 2026 तक के महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) को आधार बनाया जाए तो बिना किसी अतिरिक्त ग्रोथ फैक्टर के भी फिटमेंट फैक्टर करीब 2.10 तक पहुंच सकता है। उनके अनुसार यह सिर्फ एक संभावित अनुमान है और इसमें आर्थिक वृद्धि (Growth Component) को शामिल नहीं किया गया है।

2.10 फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ तो बढ़ेगी मोटी सैलरी

अगर सरकार 2.10 का फिटमेंट फैक्टर लागू करती है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹18,000 है तो नई बेसिक सैलरी लगभग ₹37,800 हो सकती है। इसी तरह जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अधिक है, उनकी सैलरी भी उसी अनुपात में बढ़ेगी।

केवल बेसिक सैलरी ही नहीं, भत्ते भी बढ़ सकते हैं

केंद्रीय कर्मचारियों की कई सुविधाएं बेसिक सैलरी से जुड़ी होती हैं। ऐसे में यदि बेसिक वेतन बढ़ता है तो महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इससे कर्मचारियों की कुल मासिक आय पहले की तुलना में काफी ज्यादा हो सकती है।

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पेंशनर्स को भी मिल सकता है फायदा

8वें वेतन आयोग की सिफारिशें केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेंगी। पेंशन की गणना भी संशोधित वेतन संरचना के आधार पर होती है। ऐसे में यदि फिटमेंट फैक्टर बढ़ता है तो लाखों केंद्रीय पेंशनर्स की पेंशन में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद

फिलहाल 2.05 से 2.10 के बीच फिटमेंट फैक्टर की चर्चा केवल संभावित अनुमान के तौर पर की जा रही है। कर्मचारियों की वास्तविक सैलरी कितनी बढ़ेगी, यह 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा। साथ ही भत्तों, कटौतियों और अन्य सुविधाओं में होने वाले बदलाव भी कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी पर असर डालेंगे।

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क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?

फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक (Multiplier) होता है, जिसके आधार पर कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी को संशोधित किया जाता है। जितना अधिक फिटमेंट फैक्टर होगा, कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी उतनी ही ज्यादा होगी। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था जिसके बाद न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गई थी।