सोमवार को गिरावट के साथ खुल सकता है शेयर बाजार, गिफ्ट निफ्टी 150 अंक टूटा; कोस्पी में 8% की बड़ी गिरावट
Share Market
शेयर बाजार आज 26 जून को मुहर्रम की छुट्टी के कारण बंद हैं लेकिन ग्लोबल बाजारों से मिल रहे संकेत अगले कारोबारी दिन यानी सोमवार के लिए कमजोर शुरुआत की ओर इशारा कर रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में 150 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है जबकि दक्षिण कोरिया का प्रमुख शेयर बाजार कोस्पी करीब 8% टूट गया। ऐसे में सोमवार को भारतीय बाजार दबाव के साथ खुल सकते हैं।
ग्लोबल बाजारों में बिकवाली का असर शेयर बाजार पर
ग्लोबल शेयर बाजारों में शुक्रवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सबसे ज्यादा दबाव टेक्नोलॉजी शेयरों पर रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 8% लुढ़क गया जबकि जापान का निक्केई लगभग 3% नीचे कारोबार करता दिखा। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स भी कमजोरी के साथ ट्रेड कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च और टेक कंपनियों के वैल्युएशन को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ने से ग्लोबल बाजारों में बिकवाली देखने को मिल रही है। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है।
गुरुवार को बढ़त के बावजूद दिन के ऊपरी स्तर से 703 अंक टूटा सेंसेक्स
छुट्टी से पहले गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स अपने दिन के उच्च स्तर से करीब 703 अंक नीचे आ गया था। हालांकि अंतिम कारोबार में रिकवरी देखने को मिली और सेंसेक्स 109 अंकों की बढ़त के साथ 77,100 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 34 अंक चढ़कर 24,056 पर बंद हुआ।
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विदेशी और घरेलू निवेशकों की खरीदारी जारी
25 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयर बाजार में लगभग ₹384 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹5,748 करोड़ के शेयर खरीदे। अगर पिछले सात दिनों की बात करें तो FIIs कुल मिलाकर करीब ₹2,078 करोड़ की बिकवाली कर चुके हैं, जबकि DIIs ने इसी अवधि में ₹11,101 करोड़ की खरीदारी की है। साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से करीब ₹3.46 लाख करोड़ निकाल चुके हैं। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगभग ₹4.57 लाख करोड़ का निवेश किया है, जिससे बाजार को लगातार सपोर्ट मिला है।
अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों पर दबाव
अमेरिकी बाजार में गुरुवार को मिला-जुला कारोबार रहा। डाउ जोंस हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ लेकिन टेक्नोलॉजी कंपनियों की बिकवाली के कारण नैस्डैक इंडेक्स करीब 0.46% फिसल गया। एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट जैसे दिग्गज शेयरों में कमजोरी रही। सबसे ज्यादा दबाव एपल के शेयर पर देखने को मिला, जिसमें करीब 6% की गिरावट आई। कंपनी द्वारा मैकबुक और आईपैड की कीमतें बढ़ाने के फैसले के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की जिससे कंपनी के मार्केट कैप में लगभग 250 अरब डॉलर की कमी आई। हालांकि सेमीकंडक्टर सेक्टर में कुछ राहत भी देखने को मिली। माइक्रोन टेक्नोलॉजी के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों के बाद उसका शेयर 16% उछल गया। सैनडिस्क में 22% की तेजी रही जबकि क्वालकॉम, वेस्टर्न डिजिटल और सीगेट जैसी कंपनियों के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।
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कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी है। सप्लाई संबंधी चिंताओं में कमी आने और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही सामान्य होने के बाद ब्रेंट क्रूड करीब 74 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में यह नरमी भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए राहत की खबर है। इससे महंगाई पर दबाव कम हो सकता है और अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिल सकता है।
